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पंचांग ~ दिनांक – 27 जून 2022

🌞 ~  पंचांग ~ 🌞

🌤️ दिनांक – 27 जून 2022
🌤️ दिन – सोमवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079 (गुजरात-2078)
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – वर्षा ऋतु
🌤️ मास -आषाढ़ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार -ज्येष्ठ)
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – चतुर्दशी 28 जून प्रातः 05:52 तक तत्पश्चात अमावस्या
🌤️ नक्षत्र – रोहिणी शाम 04:02 तक तत्पश्चात मृगशिरा
🌤️ योग – शूल सुबह 06:48 तक तत्पश्चात गण्ड
🌤️ राहुकाल – सुबह 07:40 से सुबह 09:20 तक
🌞 सूर्योदय – 06:00
🌦️ सूर्यास्त – 19:22
👉 दिशाशूल – पूर्व दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि
🔥 विशेष – चतुर्दशी और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

🌷 नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए 🌷
➡ 28 जून 2022 मंगलवार को प्रातः 05:53 से 29 जून, सुबह 08:21 तक अमावस्या है ।
🏡 घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
🙏🏻 पूज्य बापूजी – रजोकरी 30th Nov. 2010
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

🌷 अमावस्या 🌷
🙏🏻 अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

🌷 धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए 🌷
🔥 हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
🍛 सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
🔥 विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
🔥 आहुति मंत्र 🔥
🌷 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
🌷 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
🌷 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
🌷 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
🌷 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

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