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~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 04 जुलाई 2022

~ आज का हिन्दू पंचांग ~

⛅दिनांक – 04 जुलाई 2022
⛅दिन – सोमवार
⛅विक्रम संवत – 2079
⛅शक संवत – 1944
⛅अयन – दक्षिणायन
⛅ऋतु – वर्षा
⛅मास – आषाढ़
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅तिथि – पंचमी शाम 06:32 तक तत्पश्चात षष्टी
⛅नक्षत्र – मघा सुबह 08:44 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
⛅योग – सिद्धि दोपहर 12:22 तक तत्पश्चात व्यतीपात
⛅राहु काल – सुबह 07:40 से 09:21 तक
⛅सूर्योदय – 05:59
⛅सूर्यास्त – 07:29
⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में
⛅ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:35 से 05:17 तक
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:23 से 01:05 तक
⛅व्रत पर्व विवरण – संत टेऊँरामजी जयंती, व्यतिपात योग
⛅ विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌹व्यतिपात योग – 04 जुलाई 2022

समय अवधि : 04 जुलाई सोमवार दोपहर 12:23 से 05 जुलाई मंगलवार दोपहर 12:16 तक व्यतिपात योग है ।
🌹व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।

🔹धन – सम्पदा के स्थायी निवास हेतु🔹

‘ॐ ह्रीं गौर्यै नम: ।’
इस मंत्र से ७ बार अभिमंत्रित करके अन्न का भोजन करनेवाले के पास सदा श्री ( धन – सम्पदा ) बनी रहती है ।
(अग्नि पुराण :३१३.१९,२४ )

ऋषिप्रसाद – फरवरी २०२० से

🔹वर्षा ऋतु का खास प्रयोग🔹
🔹 ५०० ग्राम हरड़ चूर्ण व ५० ग्राम सेंधा नमक का मिश्रण बना लें। (उसमें १२५ ग्राम सोंठ भी मिला सकते हैं।) २-४ ग्राम यह मिश्रण दिन में १-२ बार लेने से ‘रसायन’ के लाभ प्राप्त होते हैं ।

🔹 नागरमोथा, बड़ी हरड़ और सोंठ तीनों को समान मात्रा में लेकर बारीक पीस के चूर्ण बना लें । इस चूर्ण से दुगनी मात्रा में गुड़ मिलाकर बेर समान गोलियाँ बना लें । दिन में ४-५ बार १-१ गोली चूसने से कफयुक्त खाँसी में राहत मिलती है ।

🔹१ से ३ लौंग भूनकर तुलसी पत्तों के साथ चबाकर खाने से सभी प्रकार की खाँसी में लाभ होता है ।

🔹 वर्षा ऋतु में दमे के रोगियों की साँस फूले तो १०-२० ग्राम तिल के तेल को गर्म करके पीने से राहत मिलती है । ऊपर से गर्म पानी पियें ।

🔹 भोजन के पूर्व नींबू और अदरक के रस में सेंधा नमक डालकर पीने से मंदाग्नि व अजीर्ण में लाभ होता है ।

🔹 कब्ज की तकलीफ होने पर रात में त्रिफला चूर्ण लें । रात का रखा हुआ आधा से एक लीटर पानी सुबह बासी मुँह पीने से कब्ज का नाश होता है ।

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