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देश मे ईश-निंदा जैसे कानून की मांग

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देश मे ईश-निंदा जैसे कानून की मांग
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छिंदवाडा(भगवानदीन साहू)- प्रमुख लोगों के नेतृत्व में अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर देश में ईशनिंदा जैसे कानून की मांग की। ज्ञपन में बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति सभी धर्मों का आदर करना सिखाती है। विविधता में एकता यही हमारे देश की पहचान है। हमारी धर्म संस्कृति ने सभी धर्म समुदाय को आश्रय दिया है। सनातन संस्कृति सम्पूर्ण विश्व के मानव का कल्याण चाहती है। लेकिन कुछ वर्षों से देखने मे आया है कि धर्मांतरण वालों ने हिन्दू भाइयों के दिमाग में जहर घोला है। ये लोग हमारे हिन्दू भाइयों के द्वारा ही हमारे आराध्य देवी- देवताओं पर , संत महापुरुषों पर अनर्गल टिप्पणी करवातें हैं। सभी का टारगेट हिन्दू धर्म ही है। ऐसे लोग देश की अखंडता और एकता के बीच नफ़रत के बीज पैदा कर रहें हैं। सम्पूर्ण विश्व आज सनातन संस्कृति का अनुसरण कर रहा है। बहकावे में आये कुछ लोग हमारे ही धर्म पर टीका टिप्पणी करतें हैं। इसका शिकार ग्रामीण अंचलों के आदिवासी हरिजन एवं गरीब लोग है। जयभीम ,जयमीम और कुछ दलित संगठन इसका उदाहरण हैं। इस संगठन के माध्यम से हिन्दू धर्म की बुराई करवाकर धर्मांतरण वाले उनका उद्देश्य पूरा करतें हैं। देश के प्रतिष्ठित संत श्री आशारामजी बापू ने भी लाखों आदिवासी भाई-बहनों को ईसाई धर्म से पुनः हिन्दू धर्म में शामिल करवाया। उन्हें जीवन जीने की कला सिखाई। उन सब के लिए आदिवासी गरीब क्षेत्रों में भंडारा एवं कई जनहित की योजनाएं प्रारंभ की। परिणामस्वरूप उन्हें मजबूरन षड्यंत्र के तहत जेल में डाल दिया। न्यायव्यवस्था और सरकार जानबूझकर मूकदर्शक बनी हुई है। सऊदी अरब एवं पाकिस्तान जैसे देश में ईशनिंदा कानून है। इन देशों में ईश्वर की निंदा या धर्म की निंदा करने पर सर काटने का प्रावधान है। अपने देश में भी ऐसे कठोर कानून की आवश्यकता है। ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा बहन , शिक्षाविद विशाल चउत्रे, आधुनिक चिंतक हरशुल रघुवंशी, कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे , राष्ट्रीय बजंरग दल के नितेश साहू , पवार समाज के प्रमुख हेमराज पटले, साहू समाज के ओमप्रकाश साहू, युवा सेवा संघ के नितिन दोईफोड़े, ओमप्रकाश डहेरिया, आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े, कलार समाज के प्रमुख सुजीत सूर्यवंशी, अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच से दर्शना खट्टर, विमल शेरके, डॉ. मीरा पराड़कर, छाया सूर्यवंशी, करुणेश पाल, शकुन्तला कराडे, योगिता पराड़कर मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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