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भारत -पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के आदान-प्रदान की मांग (अफगानिस्तान की घटना से सबक लेना चाहिए)

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भारत -पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के आदान-प्रदान की मांग (अफगानिस्तान की घटना से सबक लेना चाहिए)
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छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)-  कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र संघ और महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर भारत- पाकिस्तान के देसो के अल्पसंख्यकों का आदान- प्रदान करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि हमारा देश भगवान बुध्द के शांति के मार्ग का उपासक रहा । युध्द , हर समस्या का हल नहीं है। मिडिया रिपोर्ट से ज्ञात हुआ है कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में वहां निवासरत अल्पसंख्यकों पर रोजाना अत्याचार हो रहा है। उनका जीवन अत्यंत कष्ट दायक है। ऐसे ही हालात हमारे देश के भी है . यहाँ के अल्पसंख्यक भी बहुत पीडित हैं । दोनों देशों के अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंतनीय है । दोनों देश परमाणु सम्पन्न देश हैं । दोनों देशों के बीच पूर्व में कई युध्द हो चुकें हैं । वर्तमान में भारत में बहुसंख्यक हित वाली सरकार कार्यरत है। जो लगभग 2029 तक रहेगी। यह सरकार हमेशा सर्जिकल स्ट्राईक पर भरोसा करती है ना कि हाथ जोड़ने पर। दोनो देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। इन दोनों परमाणु बम सम्पन्न देश के कारण तृतीय विश्व युध्द से इंकार नहीं किया जा सकता । जिसमें करोड़ों लोगों की जान का खतरा हैं । वैसे भी भारत के अल्पसंख्यक को इस देश में रहने से डर लगता है। ऐसे उदगार बॉलीवुड के आमिर खान , शाहरुख खान , जावेद अख्तर , नसरूदीन शाह , सलमान खान आदि व्यक्त कर चुके हैं । दोनों देशों के राजनेताओं ने आपसी सौहार्द को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है । यहाँ के अल्पसंख्यक राजनितिक दलों के हाथों की कटपुतली बनकर सिर्फ वोट बैंक तक सीमित हैं। सम्पूर्ण मानव समाज को तृतीय विश्वयुध्द की विभिषिका से बचाने हेतु दोनों देशों के अल्पसंख्यकों को शीघ्र आदान – प्रदान कर उन्हें स्वतंत्र जीवन जीने की छूट प्रदान किया जाना आवश्यक है। यह अफगानिस्तान की घटना से सबक लेना चाहिए। ज्ञापन देते समय शिक्षाविद विशाल चवुत्रे, आधुनिक चिंतक हरशुल रघुवंशी , कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे , राष्ट्रीय बजंरग दल से नितेश साहू , आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े, युवा सेवा संघ के नितिन दोईफोड़े , ओमप्रकाश डहेरिया , कलार समाज के सुजीत सूर्यवंशी, साहू समाज के ओमप्रकाश साहू, पवार समाज के हेमराज पटले, राम सुंदर रघुवंशी, नीरज साहू, अंकुश साहू मुख्य रूप से उपस्थित थे।

 

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