नई दिल्ली: गुजरात विधासभा चुनाव नतीजों के मामले में भाजपा व कांग्रेस दोनों के लिए बेहद दिलचस्प रहा है। दोनों ही पार्टियां इसे अपने-अपने तरीके से परिभाषित करते हुए इसे अपनी जीत बता रही है। वहीं अगर चुनावी नतीजों से जुड़े आंकड़ों की बात करें तो वह भी बेहद रोचक है। बात चाहे शहरी, ग्रामीण, आरक्षित और अनारक्षित सीटों के हिसाब से करें या फिर क्षेत्रवार, सभी जगहों पर दोनों पाॢटयों का वोट शेयर और सीटों का आंकड़ा एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। आमतौर पर चुनावों में ऐसा कम ही देखने को मिलता है।
गुजरात में सरकार बनाने जा रही भाजपा का वोट शेयर अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से काफी ज्यादा रहा, लेकिन फिर भी उसकी सीटें कम हो गई हैं।पूरे राज्य की बात करें तो भाजपा को 49.1 प्रतिशत वोट मिले जो वर्ष 2012 में मिले 47.9 प्रतिशत वोट से ज्यादा है और इसकी तुलना अगर 2014 के लोकसभा चुनाव में मिले 59.1 प्रतिशत वोट शेयर से की जाए तो पार्टी को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस ने भी पिछले चुनाव के मुकाबले अपना वोट शेयर बढ़ाया है। पांच साल पहले पार्टी को 38.9 प्रतिशत वोट मिले थे, जो इस चुनाव में बढ़कर 41.4 प्रतिशत हो गए। लेकिन, हैरान करने वाली बात यह है कि उन इलाकों में भी भाजपा का वोट शेयर कांग्रेस से कुछ ज्यादा रहा, जहां कांग्रेस ने ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है।










