जालंधर : कांग्रेस की परम्परा के मुताबिक इस बार भी पंजाब के तीनों शहरों जालंधर, अमृतसर और पटियाला के मेयरों का नाम लिफाफे में से निकलेगा और इस लिफाफे में मेयर का नाम लिखी पर्ची डालने के अधिकार जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को सौंप दिए जाएंगे।गौरतलब है कि अब तक की परम्परा के अनुसार नगर निगमों के मेयर का नाम हाईकमान ही तय करती आई है। हालांकि हाईकमान के नेता अक्सर बयान देते हैं कि चुने गए पार्षद मेयर का नाम तय करेंगे परंतु कांग्रेस पार्टी में मेयर का चुनाव करने में जीते हुए पार्षदों की कोई खास भूमिका नहीं होती इतना जरूर है कि विजयी पार्षदों को किसी विशेष नाम की लॉङ्क्षबग करने में इस्तेमाल किया जाता है। राज्य के लोकल बाडीज मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से हुई बातचीत के आधार पर स्पष्ट हुआ है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह तीनों नगर निगमों के कांग्रेसी मेयरों का चयन करेंगे और उनके नाम की घोषणा भी मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी। इस बीच पार्टी सूत्रों के अनुसार जल्द ही कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक चंडीगढ़ में बुलाई जा रही है, जिसमें मेयरों को चुनने के अधिकार मुख्यमंत्री को सौंप दिए जाने की पूरी आशा है।पार्टी परम्परा के अनुसार कैप्टन अमरेन्द्र तीनों मेयरों के नाम की सूची दिल्ली हाईकमान के समक्ष रखेंगे और वहां से अनुमति मिलने के बाद मेयरों के शपथ ग्रहण समारोह रखे जाएंगे जहां पार्टी की ओर से आने वाले लिफाफे में से निकली पर्ची पर नए मेयर का नाम अंकित होगा। जालंधर नगर निगम की बात करें तो पहले मेयर जै किशन सैनी और जालंधर के तीसरे मेयर सुरेन्द्र महे का नाम पार्टी की ओर से आए लिफाफे में से ही निकला था। अब जालंधर के तीसरे कांग्रेसी मेयर के नाम की पर्ची मुख्यमंत्री द्वारा आने वाले कुछ दिनों में लिफाफे में बंद कर दी जाएगी।











