संगरूर, 21 नवंबर
धर्मकोट के निकट गुजरते सतलुज नदी के किनारे बसे गांव कमालके के पास पंजाब सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर एक सरकारी रेत खदान का संचालन किया जा रहा था, वहां कल रात अचानक उस समय भगदड़ मच गई जब सतलुज नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और रेत की 11 ट्रालियां, जो भरने के लिए कतार में खड़ी थीं, पानी में डूब गईं। रात करीब 12 बजे अचानक पानी ने ट्रॉलियों को पूरी तरह घेर लिया।
थाना धर्मकोट के प्रभारी नवदीप सिंह भट्टी ने बताया कि इस संबंध में सूचना मिलने पर थाना कमालके के प्रभारी सुरजीत सिंह, मुख्य मुंशी सतनाम सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने गोताखोरों की मदद से करीब 11 ड्राइवरों और कंडक्टरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस बचाव अभियान में मुंशी सतनाम सिंह अपनी जान जोखिम में डालकर सतलज नदी में कूद गए और एक-एक कर कई ड्राइवरों को बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे और ठंड के कारण स्थिति बेहद गंभीर थी और इसके बाद आग जलाकर कांप रहे ड्राइवरों को राहत दी गई।
उन्होंने बताया कि पुलिस को 112 नंबर पर यह सूचना मिली थी कि सतलुज नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पानी में घिर गई हैं। नवदीप सिंह भट्टी ने पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक बड़ा हादसा होने
से रोका।













