हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी बारिश से भारी तबाही हुई है। प्रदेश में 1300 से 1400 बस रूट से निलंबित हैं। मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक 1239 सड़कें यातायात के लिए बाधित थीं। चंद्रताल में फंसे 300 लोगों को निकालने का अभियान शुरू कर दिया है। कालका-शिमला हाईवे बंद होने से परवाणू से ब्रेड-दूध के ट्रक वापस भेजे।
हिमाचल प्रदेश में 72 घंटे से ज्यादा की मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। दो दिन के भीतर 21 लोगों की जान जा चुकी है। सोमवार को आठ और लोगों की मौत हो गई है जबकि छह उफनती नदियों और नालों में बह गए हैं। बीते 24 जून को हिमाचल पहुंचा मानसून अब तक 63 लोगों की जान ले चुका है। भूस्खलन के चलते प्रदेश में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक 1239 सड़कें यातायात के लिए बाधित थीं। 2577 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। 1418 जल आपूर्ति योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। संबंधित विभाग इनकी बहाली में जुटे हैं। शिमला में सबसे ज्यादा 581, मंडी 200, चंबा 116, सिरमौर 101, हमीरपुर व लाहौल-स्पीति में 97-97 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसी तरह मंडी में 673, शिमला 821, सिरमौर 447, लाहौल-स्पीति 206 व किन्नौर में 261 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। वहीं, भारी बारिश के चलते श्रीखंड महादेव की पवित्र यात्रा भी स्थगित कर दी है। बीच राह में टेंटों में फंसे यात्रियों को मौसम साफ होते ही वापस लाया लाएगा। सोमवार को कुल्लू जिला में फिर बादल फटा है। लगघाटी के फलाण में बादल फटने से 100 बीघा जमीन बह गई है। सरकारी तार स्पेन भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
हर तरफ से संपर्क जोड़ा जा रहा: मुकेश अग्निहोत्री
मंगलवार सुबह मंडी पहुंचे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 24 घंटों में हम आगे बढ़ पाएंगे। मंडी में कुछ जगह पीने का पानी की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 1300 से 1400 बस रूट से निलंबित हैं। कुल्लू में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, कुल्लू में सभी रूट बंद हैं। राज्य सरकार की बसें सुरक्षित जगहों पर खड़ी हैं जिस कारण से बसों को किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है। कुल्लू को बहाल करने के लिए काम किया जा रहा है और मंडी में जलभराव की स्थिति को सही किया जा रहा है। जहां भी लोग फंसे हुए थे उन्हें निकाल लिया गया है। हर तरफ से संपर्क जोड़ा जा रहा है।उधर, कालका-शिमला हाईवे बंद होने से प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू में देर रात से लोग खड़े हैं। हजारों लोग कालका शिमला एनएच खुलने का इंतजार कर रहे है। दूध-ब्रेड की सोलन, शिमला समेत अन्य जगह जाने वाली सभी गाडियां भी परवाणू से वापस चली गई हैं। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कालका शिमला हाईवे चक्की मोड़, कोटी और सनवारा में बंद पड़ा है। चक्की मोड़ में हाईवे ढह गया है। वहीं, सोलन के शामती में मंगलवार सुबह दो मकान ढह गए। गनीमत रही कि इन मकानों को देररात 3:00 बजे खाली करवा दिया गया था।
मुख्यमंत्री करेंगे हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बरसात से कुल्लू और लाहौल में हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके अलावा, चंद्रताल में फंसे 300 लोगों का आज सुबह 5:00 बजे से बचाव अभियान शुरू कर दिया है। पहली टीम मशीनरी के साथ लोसर से चंद्रताल के लिए रवाना हुई है, जबकि दूसरी टीम काजा से एडीसी राहुल जैन की अध्यक्षता में रवाना हुई है। करीब 40 लोगों का बचाव दल जिसमें पंगमो और लोसर गांव के युवा के अलावा स्पीति के अन्य गांव से युवा शामिल हैं।













