छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- जिले के सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू ने 27 सितम्बर 2021 को जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री एवं मुख्य चुनाव आयोग भारत सरकार के नाम ज्ञापन देकर निर्वाचन क्षेत्रों में परिसीमन का विधिवत पालन करवाये जाने की मांग की थी। ज्ञापन में उल्लेख था कि सन 2024 के लोकसभा चुनाव के पूर्व परिसीमन की सम्भावना है । छिंदवाड़ा जिला गत 35 वर्षों से काँग्रेस का गढ़ रहा है । कमलनाथ की कर्म भूमि है । पड़ोसी जिलों के तुलनात्मक अध्ययन से ज्ञात होता हैं कि जिले में अनगिनत विकास कार्य हुए हैं। जिसका श्रेय कमलनाथ को जाता है। वर्तमान में केंद्र सरकार अपने सभी राजनीतिक दावपेंच का भरपूर इस्तेमाल कर रही है, जो कि राजनीति में जायज है । जिले में परिसीमन होता तो छिंदवाड़ा आदिवासी बाहुल्य सीट घोषित हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में कमलनाथ और नकुलनाथ के चुनाव लड़ने पर पाबंदी हो जाती। इसी वजह से केंद्रीय नेतृत्व आदिवासी कोटे से अनुसुईया उइके को ज्यादा प्रथमिकता दे रहें हैं। जबकि वो इस काबिल नही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि मेरा कोई राजनीतिक पार्टी से लेना देना नही है। परिसीमन के पूर्व जिले में निवासरत आदिवासी समाज का हित और लगभग 25 लाख लोगों के हितों का भी ध्यान रखें। यह ज्ञापन पत्र जिला कलेक्टर ने सम्बंधित विभाग को प्रेषित किया । उक्त ज्ञापन पत्र को देश के महामहिम राष्ट्रपति ने गम्भीरता से लेते हुए भारत सरकार के मुख्य चुनाव आयोग को निर्देशित किया । मुख्य चुनाव आयोग ने श्री साहू को पत्र क्रमांक स 283 / परिसीमन 2021 / 2504 के माध्यम से लिखित रूप से बताया कि संविधान के अनुच्छेद 82 , 170 , 330 , 332 , के अनुसार 2026 के बाद पहली जनगणना के पश्चात परिसीमन किया जा सकता है ।