जालंधर: नगर निगम जालंधर के 80 वार्डों में हो रहे चुनाव अंतिम दौर में पहुंच गए हैं और मतदान को कुछ ही दिन बाकी बचे हैं। ऐसे में जीत की उम्मीद रखने वाले सभी उम्मीदवारों ने अपने सारे दाव चलने शुरू कर दिए हैं। इन दावों में पैसा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। परंतु दर्जनभर वार्ड ऐसे हैं जहां सत्ता का संतुलन बागियों और प्रभावशाली आजाद उम्मीदवारों के हाथ में जाता दिख रहा है। खास बात यह है कि बागी उम्मीदवार कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा से संबंधित तो हैं ही, कहीं न कहीं उन्हें इन पार्टियों के बड़े नेताओं का संरक्षण भी मिलता दिखाई दे रहा है। इसके पीछे कहीं न कहीं उच्च नेताओं के आपसी मतभेदों को देखा जा रहा है। पंजाब केसरी की टीम ने आज कुछ ऐसे वार्डों का दौरा किया जहां राजनीतिक पार्टियों के बागी उम्मीदवार कइयों का खेल बिगाड़ रहे हैं। वार्ड के अंतर्गत आते क्षेत्र : शंकर गार्डन, सतकरतार नगर, वरियाम नगर, ’योति नगर, प्रकाश नगर, गुरु नगर, गुरु नानक नगर, दादा नगर, चीमा नगर, बसंत विहार, रविंद्र नगर, मॉडल टाऊन व अर्बन एस्टेट का कुछ हिस्सा। यहां कांग्रेस ने छावनी क्षेत्र के विधायक परगट सिंह के खासमखास माने जाते रोहण सहगल को टिकट अलाट की है जबकि कांग्रेस के ही टकसाली नेता निरवैल सिंह कंग, जो टिकट के प्रमुख दावेदार भी थे, रोहण सहगल के विरुद्ध चुनाव मैदान में आजाद प्रत्याशी के रूप में डट गए हैं। निश्चित है कि कांग्रेस की वोटें बंट जाएंगी। इसी वार्ड से अकाली दल की टिकट पूर्व विधायक मक्कड़ के खासमखास इंद्रजीत सिंह सोनू को मिली है। तीनों उम्मीदवारों समेत बाकियों ने भी वार्ड में पूरा जोर लगा रखा है। अब बाजी कौन मार ले जाता है, यह देखने वाली बात होगी।












