छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू) – 21 नवम्बर 2022 को माननीय मुख्यमंत्री , म.प्र. सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भोपाल को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व अधिकारी और ग्राम निवेश अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की माँग की थी । जिसका विषय था म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की अवहेलना। माननीय मुख्यमंत्री को दिया गया आवेदन मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज होता है। जिसका क्रमांक 19945205। 23।11। 2022 है । प्रार्थना पत्र में बताया गया कि जिला कलेक्टर को न्यायिक प्रक्रिया में फंसाने के उद्देश्य से जिले के राजस्व विभाग और ग्राम निवेश के अधिकारियों ने अमृत योजना 2035 के अंतर्गत निजी स्वामित्व वाली खजरी आश्रम गौशाला की खेती भूमि के अंदर से रास्ता देना प्रस्तावित किया था । जिस पर पहले से ही उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश था । इस शिकायत का आज तक निराकरण नहीं हुआ । पुलिस महानिदेशक भोपाल से जिला पुलिस अधीक्षक के पास कार्यवाही हेतु पत्र आया पर उस पर भी कोई कार्यवाही नही हुई । जिला प्रशासन ने अमृत योजना 2035 के क्रियान्वयन हेतु आपत्ति मंगाई थी जिसको जबलपुर सम्भाग के उच्च अधिकारियों ने गम्भीरता से सुना और नगरीय प्रशासन मंत्रालय को रिपोर्ट दी । मंत्रालय ने फिलहाल छिंदवाड़ा को इस योजना से वंचित कर रखा है । इस सम्बंध में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री के साथ मिलकर योजना लागू करने हेतु मंत्रालय में दबाव बनाया । पर मंत्रालय ने जिले के अधिकारियों पर भेदभाव वाले रवैये पर खेद प्रकट करते हुए इस योजना पर रोक लगा दी। जिले के विकास को अवरुद्ध करने वाले , जिला कलेक्टर को न्यायिक प्रक्रिया में फंसाने वाले , एवं माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की अवहेलना करने वाले पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ।












