छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू) जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर भगवानदीन साहू ने स्वयं की जान को खतरा होने की बात से अवगत कराया। आवेदन में बताया कि मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ। बहुत सी जनहित याचिकाओं के माध्यम से लाखों निराश्रित , निर्धन लोगों को न्याय दिलवाने का सफल कार्य कर चुका हूँ । मेरी बहुत सी जनहित याचिका माननीय सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली और माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है । एक जनहित याचिका क्रमांक WP / 7461 / 2019 जिसमें मुख्यमंत्री सचिव , मुख्य सचिव म.प्र. पुलिस महानिदेशक के अलावा जिला कलेक्टर , जिला पुलिस अधीक्षक एव अन्य उच्च अधिकारीयो को प्रतिवादी बनाया हु । यह याचिका माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है । सुनवाई के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधीश जी ने मुझे कहा था कि सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी तो आवेदन दे देना हम मदद करेंगे । मेरे अति विशिष्ट जनहित के सेवाकार्यों के कारण मेरा पद्मश्री पुरुस्कार के लिए भी चयन हुआ था । दिनांक 24/06/2023 को मैंने छिंदवाड़ा SDM अतुल सिंह के आतंक की शिकायत माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार को की, जिसका क्रमांक PMOPG / E / 2023 / 0125632 है । इस बात को स्थानीय मीडिया ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया । शिकायत से परेशान होकर अतुल सिंह मुझे जान से मारने, झूठे केस में जेल भिजवाने , एक्सीडेंट करवाने या किसी लड़की के केस में झूठा फंसाने की धमकी दे रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में किसी भी कारणवश मेरे साथ कोई दुर्घटना होती है या मेरी मृत्यु होती है तो इसका जिम्मेदार अतुल सिंह होंगे। इसे मेरा मृत्यु पूर्व कथन पढ़ा और समझा जाये ।













