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विधायक अजीतपाल सिंह पाल कोहली रहे मुख्य मेहमान
जोड़ियां भटिया श्री रामलीला को इतना प्यार देने के लिए राम भक्त वरुण जिंदल ने किया शहर निवासियों का धन्यवाद
श्री रामलीला दशहरे वाले दिन रावण का वध किया गया रावण का वध करने के बाद प्रभु श्री राम लक्ष्मण जी ने रावण का पुतले को अग्नि भेंट कर बुराई पर अच्छाई की जीत की इससे पहले नौवे दिन जोड़ियां भटिया रामलीला में जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते हैं तब वेद जी को बुलाया जाता है तो वेद जी उन्हें ठीक करने के लिए संजीवनी बूटी मंगवाने के लिए कहते हैं और सब निर्णय करके वीर हनुमान जी कहते हैं कि मैं संजीवनी बूटी लेकर आऊंगा वह संजीवनी बूटी लेने के लिए निकल जाते हैं रास्ते में उन्हें जो भी रुकावट आती है वैसे दूर करते जाते हैं अंत वह पहाड़ पर पहुंच जाते हैं उन्हें समझ नहीं आता इनमें से संजीवनी बूटी कौन सी है अंत वह पूरे का पूरा पर्वत ही उठा ले आते हैं और पर्वत लाने पर सभी हैरान रह जाते हैं वेद जी पर्वत में से संजीवनी बूटी निकाल कर लक्ष्मण जी के मुंह में डालते हैं और लक्ष्मण जी होश में आ जाते हैं उसके बाद दोबारा लक्ष्मण जी मेघनाथ से युद्ध करने के लिए जाते हैं वीर हनुमान उनका हवन भंग कर देते हैं उसके बाद लक्ष्मण और मेघनाथ युद्ध में मेघनाथ अपनी शक्तियों का प्रयोग करता है पर इस बार उसकी यहां शक्तियां बेकार जाती हैं अंत वीर लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं जब यह खबर रावण के पास पहुंचती है तो रावण बहुत परेशान हो जाता है और रावण पूजा अर्चना कर कर युद्ध के लिए जाता है वीर हनुमान कर देते हैं अंत वह भी युद्ध के लिए निकल जाता है रावण और प्रभु श्री राम के युद्ध में प्रभु श्री राम रावण का वध कर देते हैं और रावण का पुतला दहन कर कर श्री रामलीला का मंचन समाप्त किया जाता है राम भगत वरुण जिंदल ने विधायक अजीत पाल सिंह कोहली जी का नया मंच बनाने के लिए बहुत धन्यवाद किया और विधायक अजीत पाल जी ने जो भी कार्य श्री रामलीला मंच का रह गया है वह भी जल्द से जल्द करवा दिया जाएगा सभी मेंबरों ने विधायक अजीत पाल सिंह का हर पहनकर स्वागत किया
श्री रामलीला के प्रधान वरुण जिंदल ने कहा कि इस समय समस्त शहर राम नाम की धुन में झूम रहा है, जिसकी उदाहरण देर रात तक चलने वाली श्री रामलीला में मौजूद भक्तों की भीड़ है। उन्होंने कहा कि आज की नौजवान पीढ़ी को संस्कृत भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है, ताकि वे अपने ग्रंथों को आसानी से पढ़कर समझ सके और उनसे मिलने वाली शिक्षा को अपने जीवन में उतार सके। हमारा सभी माता-पिता से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को श्री रामलीला अवश्य दिखाएं ताकि वह श्री राम के गुणों को अपने जीवन में अपना सके।












