ज्योतिष की नजर में
सूर्य कांत वर्मा, प्रसिद्ध अंतराष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य
पटियाला 98140 70254
2024 के लोकसभा चुनावों में इस बार हर पार्टी अपना अपना पूरा जोर लगा रही है। इस बार के चुनाव इतने आसान नहीं हैं जितने 2014 तथा 2019 लोकसभा के थे। क्योंकि इस बार मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा में शनि का अंतर अप्रैल 2024 से मई 2025 तक बना रहेगा। इसके अतिरिक्त शनि का ढैया चल रहा है। जनता के कारक स्वामी चंद्र की शनि पर दृष्टि है जिस कारण नरेन्द्र मोदी को जनता के विरोध एवं अविश्वास का सामना करना पड़ेगा जिस कारण इस बार भाजपा की सीटें सिकुड़ कर 230 से 250 तक सिमट जाएंगी जिस कारण नरेन्द्र मोदी बहुत मुश्किल सरकार बना पाएंगे क्योंकि गोचर के शनि की जन्मांक के शनि पर दृष्टि होना प्रधानमंत्री के पद को भंग करता है।
मौजुदा समय में शनि का अंतर प्रत्यंततर 24 जून 2024 तक रहेगा और इस दौरान जनता की भावना नरेन्द्र मोदी के प्रति कोई ज्यादा अच्छी नहीं रहेंगी। जिस कारण मौजुदा चुनाव बहुत ही संघर्षमय होगा तथा ज्यादातर उम्मीदवारों की जीत हार का फैसला भी बहुत कम अंतर से तय होगा। कोई भी पार्टी चाहे वह नरेन्द्र मोदी (एन डी ए) गठबंधन हो या फिर राहुल गांधी (इंडिया गठबंधन) पूर्ण बहुमत प्राप्त नहीं कर पाएगा।
नरेन्द्र मोदी की कुंडली में 24 जून से 21 अगस्त 2024 तक बुध का प्रत्यंततर चलेगा जो उनकी सेहत और जीवन के लिए हानिकारक सिद्ध होगा।
वहीं यदि राहुल गांधी की बात करें उनकी कुडंली के अनुसार 28 मार्च से 28 अक्तूबर 2024 तक मंगल की महादशा में चंद्र चल रहा है। इनका वृष लगन के कारण मंगल मिथुन राशि में टेंशन देने वाला होता है। राहुल गांधी की कुंडली में 19 मई तक राहू रहेगा जो इन्हें पूर्णतः बहूमत नहीं दिलवाएगा। परंतु 30 जुलाई 2024 से 30 अगस्त 2024 तक अति शुभ समय सिद्ध होगा।
कांग्रेस चाहे इन लोकसभा चुनावों में अपना पूर्ण बहुमत न भी सिद्ध कर पाए परंतु दूसरी बड़ी राजनीतिक पार्टी के रुप में पुनः उभरेगी। उत्तर भारत विशेषतः पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब होगी।
वहीं यदि आम आदमी पार्टी की बात करें अरविन्द केजरीवाल के जेल जाने के कारण उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलेगी तथा पजांब में अच्छा प्रदर्शन करके 7 से 9 सीटें जीतने में कामयाब होगी।











