5 DEC 2024 ( प्रेस की ताकत ) :
Indian Aviation Bill: आज राज्यसभा में “भारतीय वायुयान विधेयक 2024” पर चर्चा आयोजित की जाएगी। इस विधेयक को केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार (3 दिसंबर) को राज्यसभा में प्रस्तुत किया था, जिस पर पहले भी चर्चा की गई थी। आज इस विधेयक पर आगे की चर्चा के लिए इसे फिर से राज्यसभा में लाया जाएगा। यदि आज चर्चा समाप्त हो जाती है, तो यह संभावना है कि यह विधेयक आज ही राज्यसभा से पारित हो सकता है। उल्लेखनीय है कि यह विधेयक पहले ही लोकसभा से पारित हो चुका है। चूंकि यह विधेयक गैर-राजनैतिक उद्देश्य वाला है, इसलिए राज्यसभा में विपक्ष की कुछ आपत्तियों के बावजूद इसके पारित होने की पूरी संभावना है।
भारतीय वायुयान विधेयक 2024 के कानून बनने पर भारत सरकार को वायुयान के निर्माण, डिज़ाइन, रखरखाव, स्वामित्व, उपयोग, परिचालन, बिक्री, निर्यात और आयात पर संपूर्ण नियंत्रण प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, वायुयान से संबंधित अन्य मामलों में भी भारत सरकार को नियमन और नियंत्रण का अधिकार प्राप्त होगा।
90 साल पुराने कानून की जगह लेगा वायुयान बिल
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार (3 दिसंबर) को एक विधेयक प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारतीय वायुयान विधेयक के कानून बनने पर यह विमान अधिनियम 1934 का स्थान ले लेगा, जो अब तक 21 बार संशोधित हो चुका है और अब पुराना हो चुका है। पिछले कुछ दशकों में यात्री विमानन के क्षेत्र में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों और नई विमानन परिस्थितियों के कारण 90 वर्ष पुराने इस कानून के स्थान पर एक नया कानून लाना आवश्यक हो गया है।
आत्मनिर्भर भारत में बनेगा मेक इन इंडिया यात्री विमान
यह पहल देश की विमानन उद्योग को सशक्त बनाने में सहायक होगी।
भारतीय वायुयान विधेयक के संबंध में सबसे महत्वपूर्ण अपेक्षा यह है कि इसके लागू होने से भारत सरकार को अंतर्राष्ट्रीय विमानन कानूनों के अनुरूप अपने हितों की रक्षा करने की वैधानिक शक्ति प्राप्त होगी, जिससे भविष्य में देश में यात्री विमानों के निर्माण का सपना साकार हो सकेगा। इसके अलावा, यदि ऐसा संभव होता है, तो भारत यात्री विमानों के निर्यातक के रूप में अपनी वैश्विक स्थिति को भी मजबूत कर सकेगा।













