ग्वालियर(सुशील सिंह परिहार)- मेला रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में जारी पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण के तीसरे दिन जिले के विभिन्न विकासखंडों से आईं कृषि सखियों ने जैविक खेती की बारीकियों को करीब से सीखा। बुधवार को आयोजित सत्र में कृषि सखियों को फसल सुरक्षा के लिए नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निआस्त्र बनाने की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र, मुरैना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. जे.सी. गुप्ता ने प्राकृतिक तरीकों से फसल सुरक्षा की विधियों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शैलेंद्र सिंह कुशवाहा ने प्राकृतिक खेती के जरिए मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्राकृतिक खेती की नोडल अधिकारी डॉ. अमिता शर्मा ने कृषि सखियों को जीवामृत तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के संयोजक डॉ. एस.सी. श्रीवास्तव ने प्राकृतिक विधियों से बने विभिन्न उत्पादों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी साझा की।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि सखियों को जैविक खेती की तकनीकों में दक्ष बनाना है, ताकि वे आगे चलकर किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें।













