छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- पूरे देश में एक चर्चा आम है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोबेल पुरस्कार से वंचित रह गए । वहीं जिले के लिए गौरान्वित विषय यह है कि सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन पिता श्री भैयालाल साहू की भी फाइल नोबेल पुरस्कार के लिए चली थी । यह फ़ाइल स्वयं केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय ने चलाई थी । इस सम्बंध ने श्री साहू ने बताया कि इसके पूर्व मेरा पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन हुआ था । उनके पास चयनित पत्र भी हैं। इस सम्बंध ने केंद्र सरकार का अपना राजनीतिक गुणा भाग होता हैं । नोबेल पुरुस्कार अंतराष्ट्रीय स्तर का होता है । यह बहुत सी केटेगरी में प्रदान किया जाता है । उक्त फाइल में श्री साहू द्वारा किये गए ऐतिहासिक सेवाकार्यों का जिक्र है । जिसमें देश में 14 फरवरी को महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सहयोग से 71 करोड़ माता – पिता का पूजन करवाना , इस खबर को ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अखबारों में प्रकाशित होना , अंतर्राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के समक्ष सम्मानित करना , लाखों निराश्रित ,निर्धन ,असहाय बुजुर्गों को जनहित याचिका के माध्यम से वृद्ध आश्रम योजना का लाभ दिलाना ,श्रीमद भगवदगीता और श्री रामायण का देश के सभी स्कूली पाठ्यक्रमो में शामिल करवाने के साथ सऊदी अरब के भी स्कूली पाठ्यक्रम में शुरू करवाना ।बहुत से स्थानीय जिला कलेक्टरों द्वारा सम्मानित किया जाना । श्री योग वेदांत सेवा समिति से जुड़कर विश्व के 167 देशों में सनातन संस्कृति का प्रचार प्रसार करना ।ऐसे कई अनगिनत अति उत्कृष्ट सेवा कार्य है । श्री साहू ने यह भी बताया कि जब उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नोबेल पुरस्कार के नॉमिनी की खबर सुनी तो स्वयं का पुरुस्कार प्राप्त करने के प्रयासों को विराम लगा दिया । वैसे भी यह पुरस्कार ईसाई धर्म वालों को प्रथमिकता देता है और मुझे ईसाई बनना मंजूर नहीं था । मेरे लिए या जिले के लिए यह गर्व की बात है कि नोबेल पुरस्कार के लिए अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेरा नाम भी नामिनित किया गया । परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू की कृपा से मैं यहाँ तक पहुँच गया मेरे लिए यही पुरुस्कार है । मेरे सेवा कार्यों में सहयोग करने वाले में समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई , खजरीं आश्रम के संचालक जयराम भाई , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , साध्वी प्रतिमा बहन , साध्वी रेखा बहन , आधुनिक चिंतक हर्शुल रघुवंशी , राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , साहू समाज के ओमी साहू , कुनबी समाज के मार्गदर्शक सुभाष इंगले , कलार समाज के प्रतिष्ठित बबलू माहोरे , पावर समाज के प्रमुख् हेमराज पटले , आई. टी. सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े ,गौरीशंकर धारे , ओमप्रकाश डहेरिया , अश्विन पटेल , मेरी पूज्य माता इंद्रा साहू और धर्म पत्नी छाया साहू के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि ,जिला प्रशासन और मीडिया को बहुत बहुत साधुवाद है ।













