इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- सीताराम शर्मा वर्तमान में भिंड के शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ है। इस पर आरोप था कि वर्ष 2009 में पीएमटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, प्रदेश के राज्य कोटे का अवैध लाभ लेने के लिए मुरैना जिले की अंबाह तहसील का एक कूटरचित (फर्जी) मूल निवासी प्रमाण पत्र पेश किया था। मामले की जांच में यह तथ्य सामने आए कि आरोपित मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है उसने अपनी हाईस्कूल (1984) और इंटरमीडिएट (2001) की शिक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से पूरी की थी।अंबाह तहसील के रिकार्ड की जांच करने पर पता चला कि वहां से सीताराम शर्मा के नाम पर कोई मूल निवास प्रमाण पत्र कभी जारी ही नहीं हुआ था।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा राज्यसभा सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की उस शिकायत के बाद हुआ था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेजों के जरिए मध्य प्रदेश की मेडिकल सीटों पर कब्जा कर रहे हैं। इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आकिल खान और सुधाविजय सिंह भदौरिया ने मजबूती से पक्ष रखा।












