इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- भारतीय सेना के इतिहास में जब भी टैंक युद्ध और कुशल नेतृत्व की बात आती है, तो ‘संत सिपाही’ के नाम से विख्यात लेफ्टिनेंट जनरल हणुत सिंह (MVC) का नाम स्वर्णाक्षरों में लिया जाता है।
1971 युद्ध के महानायक:
1971 के भारत-पाक युद्ध में ‘बैटल ऑफ बसंतर’ (Battle of Basantar) के दौरान उन्होंने 17 हॉर्स (The Poona Horse) का नेतृत्व किया। उनके अचूक युद्ध कौशल और बहादुरी के सामने पाकिस्तानी सेना के पैटन टैंकों ने घुटने टेक दिए थे। इस भीषण युद्ध में उनके नेतृत्व ने युद्ध की दिशा ही बदल दी थी।
महावीर चक्र से सम्मानित:
युद्ध के मैदान में उनके असाधारण शौर्य, निडरता और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित किया गया।वे केवल एक निडर योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक गहरे आध्यात्मिक विचारों वाले व्यक्ति भी थे। उनका जीवन अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सादगी का जीता-जागता उदाहरण है।आधुनिक भारत के इस महान शूरवीर को हमारा शत-शत नमन!
देश आपके पराक्रम और सेवा का सदैव ऋणी रहेगा।
जय हिंद!













