छिंदवाड़ा(भगवान दिन साहू)- बहुत से धार्मिक एव सामाजिक संगठनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश हाई कोर्ट अहमदाबाद के नाम ज्ञापन देकर अन्तराष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग के कानून का विधिअनुरूप पालन की मांग की ज्ञापन में बताया कि मोटेरा स्टेडियम अहमदाबाद से सटा हुआ परम पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू का आश्रम है । जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है । इस आश्रम में गुरुकुल भी है और जीवन उपयोगी आयुर्वेदिक दवाइयों का भी निर्माण होता है तथा निर्धन जनो नि:शुल्क उपचार भी किया जाता है ! इसी आश्रम से देश के 550 आश्रम और 18 हजार बाल संस्कार केंद्र संचालित होते हैं । इस वर्ष 14 फरवरी को देश मे 74 करोड़ माता – पिता पूजे गए । ऐसी अनगिनत जनहितकारी योजनाएं यहाँ से संचालित होती हैं । इसी आश्रम से विश्व के लगभग 3 अरब से अधिक लोग प्रतिवर्ष लाभांवित हो रहें हैं। उक्त जानकारी गूगल पर भी देखी जा सकती है । अहमदाबाद सरकारी प्रशासन जबरन इस आश्रम को हटाना चाहता है । जबकि आश्रम प्रबंधन के पास उक्त जमीन के सभी वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हैं। प्रशासन का कहना है कि हमको 2036 में होने वाले ओलंपिक के लिए मैदान बड़ा करना है जिसके लिए 650 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है । हमारे पास सरकारी आदेश है । हम भी चाहते हैं कि देश में ओलंपिक खेल हो ! सरकार यह विकास कार्य 640 एकड़ में भी कर सकती हैं । आश्रम परिसर की लगभग 10 एकड़ जमीन छोड़ी जा सकती है । वर्तमान में विश्व के हालत बहुत गम्भीर हैं । पूरे विश्व में अफरा – तफरी मची है । ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सन 2029 – 30 में परमाणु युद्ध होगा । तब पता नही कौन जिंदा रहेगा या नहीं रहेगा । यह भी जरुरी नहीं कि यही सरकार 2036 तक रहेगी । ऐसे संगीन मामलों के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के दिशा निर्देश हैं कि किसी भी देश की सरकार बिना किसी ठोस वजह है स्कूल , अस्पताल या जनहित के उपयोग में आने वाली इमारत को जबरन नहीं हटा सकते । उक्त जानकारी गूगल पर भी सर्च कर सकतें हैं । अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के कानून सभी के लिए बंधन कारी है । अहमदाबाद आश्रम की जमीन के सम्बंध में माननीय उच्च न्यायालय अहमदाबाद गुजरात में एक याचिका विचाराधीन है । यह प्रकरण पूर्णतः दूषित है क्योंकि यहाँ प्रशासन की मंशा पूज्य बापूजी के 44 करोड़ साधकों को सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ लड़वाने का प्रयास है । प्रशासन की नियत संदेहास्पद है । जबकि अभी यह तय नही है कि 2036 में होने वाला ओलंपिक मिश्र में होगा कि ,साउथ अफ्रीका मे की भारत मे । इस प्रकार विधि अनुरूप कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन देते समय आधुनिक चिंतक हरशूल रघुवंशी , राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , कुनबी समाज के मार्गदर्शक सुभाष इंगले , कामठी विहार कालोनी के अध्यक्ष एवं सेवा निवृत्त फूड ऑफीसर मदन मोहन परसाई , कलार समाज के प्रमुख बबलू सूरज प्रसाद माहोरे , कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे , आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े , साहू सामाज के प्रमुख ओमी साहू , नारायण ताम्रकार , पी. आर. शेरके ,ओमप्रकाश डेहरिया ,अश्विन पटेल महिला समिति से ललिता घोगें ,विमल शेरके , डॉ. मीरा पराड़कर , छाया परसाई , सुधा ताम्रकार , प्रीति सोनारे , ज्योति कराडे , रुपाली इंगले , शकुंतला कराडे , करुणेश पाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।












