इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)-अवैध टेम्पो और डग्गामर वाहनों से बस संचालकों पर भुखमरी का संकट, 1973 से बने परमिट सरेंडर करने की कगार पर
इटावा! जनपद में बिना परमिट संचालित टेंपो डग्गामार वाहन और अन्य अवैध सवारी वाहनों के कारण वैध परमिट धारी बस संचालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वाहन संचालकों का कहना है कि अवैध वाहन बस स्टैंड तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में सवारियों को अपने वाहनों पर बैठा लेते हैं जिससे बसों की सवारियां कम हो जाती हैं या फिर कभी-कभी सवारियां आती ही नहीं है, और खाली बसें ले जानी पड़ती हैं, और उनका संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है, कई बसें बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। सन् 1973 में 37 बसों का परमिट दिया गया था
माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का नहीं हो रहा है अनुपालन दुर्घटनाओं का कारण भी बना रहे हैं यह अवैध डग्गामार वाहन
बस संचालकों के अनुसार अवैध वाहन निर्धारित बस अड्डा के बजाय प्रमुख चौराहा और सड़क किनारे खड़े होकर सवारियां भरते हैं इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है और समय की बर्बादी होती है।
बताया जाता है कि अधिकांश डग्गामार वाहनों के पास वैध परमिट फिटनेस या आवश्यक कर संबंधी दस्तावेज नहीं होते हैं इसके बावजूद कम किराए पर सवारियां ढोते रहते हैं जिससे सरकार को राजस्व की हानि होती है और नियमों का पालन करने वाले व संचार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सुरक्षा की दृष्टि से भी यह गंभीर समस्या मानी जा रही है कई अवैध वाहन क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चलते हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है ऐसे वाहनों की तकनीक की स्थिति और फिटनेस पर भी सवाल उठाते रहते हैं, तीन सवारी टेंपो जिस्म की दो सवारी और एक ड्राइवर वैध है और वह 16 किलोमीटर की परिधि में ही एक स्थान से सवारी भरकर दूसरे स्थान तक ले जा सकते हैं लेकिन इसकी जगह टेंपो और अवैध डग्गामार वाहन इटावा के कचौराघाट से सवारी भरकर भरथना और बिधूना तक फर्राटे भरते नजर आते हैं। बस का संचालकों का कहना है कि हम लोग रोड टैक्स फिटनेस परमिट का टैक्स भी अदा करते हैं और हमारी बसें अब खड़ी होने की कगार पर हैं।बस यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन प्रशासन नहीं कर रहा है जिससे कि 1973 से हमारी इस रूट की 37 परमिट वाली बसों को बेच कर परमिट सरेंडर करना पड़ सकता है।
इस संबंध में उप संभागीय सहायक परिवहन (प्रवर्तन) अधिकारी हुमा परवीन ने बताया कि विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी डग्गामार या अवैध वाहन संचालित होता पाया गया तो उसे सीज कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


