03-05-2023(प्रेस की ताकत)– वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है। पौराणिक कथाओं का मानना है कि जब राहु और केतु पूर्णिमा की रात चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं तो चंद्र ग्रहण होता है। साल का पहला चंद्र ग्रहण 05 मई 2023, शुक्रवार को लगने जा रहा है.
साल का पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को लगने जा रहा है. ये चंद्र ग्रहण वैशाख अमावस्या को लगने जा रहा है. यह ग्रहण तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में लगने जा रहा है। यह पांचवां चंद्र ग्रहण है, इसलिए यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। साथ ही इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह चंद्र ग्रहण बहुत ही खास होने वाला है क्योंकि इस ग्रहण पर 12 साल बाद चतुर्ग्रह योग बनने जा रहा है, जिसमें सूर्य, बुध, गुरु और राहु मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
इस चतुर्ग्रह योग का प्रभाव चंद्र ग्रहण के बाद अगले 10 दिनों तक रहेगा। साथ ही यह चतुर्भुज योग 15 मई को सूर्य के धन राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएगा। साथ ही इस दिन सिद्धि योग और व्यापती योग भी बन रहा है।











