इटावा( डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान) आसाराम बापू को जेल से बाहर आये लगभग 5 महीने हो गए हैं लेकिन पिछले 1 महीने से उनके खिलाफ माहौल बनना शुरू हो गया है । जबसे उनकी अपील पर हाइकोर्ट में बहस होना शुरू हुई है और )खासतौर पे जबसे उन्होंने उत्तर प्रदेश में अयोध्या में राम लला के दर्शन किये और काशी में विश्वनाथ के दर्शन करने गए तब से अचानक सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ माहौल बनना शुरू हो गया है , और साथ मे योगी आदित्यनाथ जी के प्रशासन पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्हें VIP प्रोटोकॉल दिया गया , जबकि योगी प्रशासन ने इस सभी अफवाहों को खारिज कर दिया । ये भी एक संयोग की बात है कि इसी समय अशोक खरात जैसे चरित्रहीन ठगों को बाबा बोलकर दुनिया भर में बाबाओं के नाम की बदनामी करी जा रही है । ये बोलने में अतिशयोक्ति भी नहीं होगी कि अन्य बड़े बड़े नेता , राजनेता , पत्रकार , मौलवी ,पादरी सब लोगों पे वही बलात्कार या नाबालिग से बलात्कार एवं पॉक्सो के केस लगे सभी लोग जेल से बाहर हैं परंतु जितनी बदनामी और कवरेज किसी हिन्दू संत पर कोई आरोप लगे तब होता है वैसा और दूसरे लोगों पर उसी प्रकार के आरोप लगे तो उतना कवरेज या प्रचार नहीं होता । अब बात करते हैं राम रहीम और रामपाल की , आसाराम बापू जी के केस के वक़्त उक्त दो लोगों पर भी हत्या अथवा बलात्कार इत्यादि के आरोप लगे या लगवाए गए , पता नहीं सच्चाई क्या है किंतु क्या आपको अभी भी इनकी कवरेज करता हुआ कोई दिखाई देता है ? नहीं , क्योंकि इनको सिर्फ माहौल बनाने के लिए उपयोग किया गया था , जिससे कि हिन्दू संतों की एक आपराधिक छवि आम जनता में बन जाये और जनता हिन्दू साधुओं के पास जाना बंद कर दे ,अब भी तो प्रेमानंदजी महाराज के पास जाने वाली जनता से मीडिया और कुछ देश विरोधी तत्वों को समस्या होती है , अनिरुद्धाचार्य जी को भी शुरुवात में meme material बनाने का एवं उन्हें एक उपहास मात्र का नमूना इन्हीं देश एवम धर्म विरोधी तत्वों द्वारा उनके ऊपर सोशल मीडिया में कॉमेडी वीडियोज़ बना बनाकर किया गया । बागेश्वर वाले बाबा का भी कुप्रचार करने का प्रयास ज़ोरों पर है , इसीलिए कभी सुहानी शाह एवं अन्य माइंड रीडरों को न्यूज़ चैनल्स एवं सोशल मीडिया पर बार बार प्रचारित करके बागेश्वर बाबा की सिद्धि को एक आम बात सिद्ध करने के अनेक प्रयास किये गए । न्यूज़ चैनलों पर अनेक हिन्दू धर्म का चोला उड़ाकर लोगों को लाकर उनका मजाक उड़ाना , उनकी शक्तियों का परीक्षण करवाना और फिर जनता को हिन्दू धर्म मे फैले अंधविश्वासों से मुक्त कराने का सेवाकार्य मीडिया चैनल्स कितने समय से कर रहे हैं ये सब तो आप लोग जानते ही होंगे । साथ ही जितनी बॉलीवुड मूवीज और न्यूज़ एपिसोड हिन्दू धर्म में फैले अंधविश्वासों पर एवम हिन्दू धर्म खराब है ये प्रचारित करने के लिए बनाए गए हैं उतने शायद ही किसी धर्म के लिए बनाए गए हों । पता नहीं सब हिन्दू धर्म और हिन्दू धर्म के साधुओं को ही क्यों सुधारना चाहते हैं ? जबकि सबसे ज़्यादा बलात्कार तो पादरी, मौलवी , नेता , अभिनेता इत्यादि करते हैं , उनके ऊपर जब केस होते हैं तो समाज मे चुप्पी सध जाती है , उनके द्वारा किये गए अपराधों का तो इतना प्रचार नहीं होता जितना हिन्दू धर्म के किसी साधु पर आरोप मात्र लग जाये तो उसका होता है । ये तो ठीक उसी प्रकार लग रहा है जैसे किसी ब्राह्मण व्यक्ति द्वारा एक दलित व्यक्ति के प्रति अपराध का आरोप लग जाये तो सारे जातिगत राजनीति के लोग उस बात को राष्ट्रीय मुद्दा बना देते हैं किंतु वही अपराध अगर किसी मुसलमान द्वारा हुआ हो तो सन्नाटा पसर जाता है । आज आशाराम जी बापू को लगातार करीब 11 या 12 वर्ष जेल की यातनाएं सहन करने के बाद ज़मानत मिली है उस अपराध के लिए जिस केस में दोषी बनाये गए अन्य 2 आरोपियों को लोअर कोर्ट ने उनके विषय मे लड़की की कहानी को झूठा मानते हुए बरी कर दिया , एवं अन्य 2 आरोपियों को सबूतों को मजबूत न मानते हुए सज़ा पर रोक लगाकर ज़मानत दे दी साथ मे ये भी कहा कि आरोपियों के पास चुनौती के पुख्ता आधार हैं । लेकिन ये खबर उतनी प्रमुखता से कहीं नहीं फैली जितनी प्रमुखता से उन सभी सह आरोपियों की मीडिया में बदनामी की गई । इस केस में आसाराम बापूजी के पास लड़की को पहुंचाने का आरोप जिस व्यक्ति पर लगा उसका नाम था शिवा , मीडिया में खूब बदनामी हुई कि उसके पास आसाराम बापू की अश्लील सीडी मिली है , मीडिया में लगातार प्राइम टाइम पर उसकी फोटो दिखाकर उसे चरित्रहीन और लड़कियों की दलाली करने वाला बताकर राष्ट्रीय चैनलों पर बदनाम किया गया , पुलिस ने उसके साथ इतनी मारपीट की की उसकी शिखा तक उखाड़ दी और बोला कि खाली पेपर पर हस्ताक्षर कर दे जिससे कि मीडिया में ये खबर चलाई जा सके कि इसने आरोप स्वीकार कर लिए हैं एवं और अच्छे से आसाराम बापू की बदनामी की जाए । पूरे समाज मे पूरे देश मे उस व्यक्ति को ज़लील किया गया , लेकिन हुआ क्या कोर्ट ने उसको बाइज़्ज़त बरी कर दिया क्योंकि कोर्ट में उसके खिलाफ पेश करने के लिए पुलिस के पास कोई सबूत ही नहीं था , कोर्ट में जांच अधिकारी ने साफ कहा कि ऐसी कोई अश्लील CD बरामद ही नहीं हुई है शिवा के पास से । इस केस में आरोप लगाने वाली लड़की ने कोर्ट में कई बार बयान बदले हैं लेकिन वो खबर कहीं नहीं फैली , आज आसाराम बापू जी का केस हाइकोर्ट में चल रहा है और देश एवं धर्म विरोधी तत्वों की पूरी कोशिश है कि आसाराम बापू जी के खिलाफ माहौल बना रहे और वो जेल में ही रहें जिससे कि गलती से भी वो जो धर्म प्रचार का कार्य कर रहे थे दोबारा से न शुरू हो पाये । आज पूरी दुनिया जानती है और सोशल मीडिया में आसाराम बापू जी के अनेक पुराने वीडिओज़ घूम रहे हैं जिनमे वो धर्मांतरण के खिलाफ आदिवासी इलाकों में प्रवचन दे रहे हैं , यही कारण है कि विश्व हिन्दू परिषद के बड़े बड़े और पुराने अधिकारी आज भी आसाराम बापू को निर्दोष मानते हैं , क्योंकि वो जानते हैं आसाराम बापू ने समाज मे क्या काम किया है । आज की युवा पीढ़ी को आसाराम बापू के द्वारा धर्म प्रचार के लिए किए गए कार्यों के विषय मे पता ही नहीं और इसीलिए आसाराम बापू के विषय मे कोई भी सकारात्मक बात जनता तक ना पहुंच जाए ऐसा प्रयास भरपूर किया जा रहा है । आसाराम बापू जी जेल से छूटने के बाद अयोध्या में राम लला के दर्शन करने गए क्यूंकी वो एक विशुद्ध हिंदूवादी संत हैं , क्या आपने कभी देखा कि राम रहीम या रामपाल अयोध्या गए हों ? इसीलिए आसाराम बापू के नाम को जानबूझकर ऐसे लोगों के साथ जोड़ा जाता है ताकि हिंदुओं की उनके साधुओं में जो आस्था है वो समाप्त हो जाये एवम हिन्दू धर्म पर से उनका भरोसा उठ जाए और वो अन्य धर्म मे चले जाएं । भारत को कमज़ोर करने की ये सोची समझी साजिश है । आसाराम बापू कोई छोटा मोटा नाम नहीं हैं , इनके एक सत्संग में लाखों लाखों हिंदुओं की भीड़ आती थी और उसमे ये विशुद्ध वैदिक धर्म का प्रचार करते थे । विधर्मी लोग जितना आसाराम बापू को जानते हैं उतना अगर हिन्दू जान जाए तो आसाराम बापू जी को अपने सर पर बिठा लेगा पर अफसोस उनकी कोई अच्छी बात समाज मे ना पहुंच जाए इसीलिए विधर्मियों ने प्रेशर और उनके खिलाफ नकारात्मक वीडियोस बनाना शुरू कर दिया है । विधर्मियों को शत्रु बोध है पर हम हिंदुओं को अपने ही मित्रों की अपने ही सहयोगियों की अपने ही मार्गदर्शकों की पहचान नहीं है , जो तुम्हारे दुश्मन का दुश्मन है तो हो सकता है कि वो तुम्हारा मित्र हो । हमारे बीच मे इसी षड्यंत्र को करके हिन्दू धर्म के विरोधी हिन्दू धर्म को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं और हम नादान उनकी चाल को समझ ही नहीं पा रहे । हिन्दू धर्म अगर खत्म हो गया तो भारत भी खत्म हो जाएगा यही वो चाहते हैं , इसीलिए हमारे साधु संत जिन्होंने घर बार छोड़कर पूरी तरह से समर्पित होकर हिन्दू धर्म का प्रचार करने का जिम्मा लिया उन्हीं को ये सबसे पहले टारगेट करते हैं , आसाराम बापू बहुत बड़े स्तर पे हिन्दू धर्म का प्रचार कर रहे थे , लोगों की हिन्दू धर्म मे आस्था बढ़ रही थी , धर्मांतरण का धंधा फ्लॉप हो रहा था , तभी उनके ऊपर एक घिनौना आरोप लगाकर , सरे आम उनका अपमान करके हिंदुओं की आस्था का राष्ट्रीय चैनलों पर दिन रात मज़ाक उड़ाया गया ताकि हिंदुओं के मन मे ये घृणा पैदा हो जाये कि सबसे ज़्यादा धर्म का पालन करने वाले बाबा लोग ही खुद गलत कार्यों से अपने आप को नहीं बचा पा रहे तो ऐसे धर्म मे कोई ताकत ही नहीं है । जब साधु संतों पर ऐसे आरोप लगते हैं तो धर्म का मज़ाक उड़ता है और लोगों को अपने आपको धार्मिक बोलने में शर्म महसूस होती है और धीरे धीरे वो पहले नास्तिक बन जाते हैं और बाद में उनकी अगली पीढ़ियां धर्मान्तरित हो जाती हैं या फिर उनकी बेटियाँ लव जिहाद का शिकार हो जाती हैं। “बेनी हिंन” नाम का एक ईसाई पादरी है आप यूट्यूब पर सर्च करें तो उसका चैनल मिल जाएगा , भारत मे उसने कई धर्मांतरण की सभाएं करी लेकिन राजीव दीक्षित जी और आसाराम बापू जी के विरोध के बाद भारत मे उसकी एक भी सभा नहीं हुई आप देख लेना गूगल पे सर्च करके । राजीव दीक्षित जी को तो विधर्मियों ने समाप्त कर दिया , और अब आसाराम बापू जी उनका अगला शिकार हैं । हमारे चैनल पर आसाराम बापूजी द्वारा हिन्दू धर्म के प्रचार प्रसार और धर्मांतरण को रोकने के कार्यों की बहुत वीडियोस हैं , कृपया हर हिन्दू उन्हें देखे और पहचाने हिन्दू धर्म के इन महान संत को ।













