02 अक्टूबर, गुरुवार के दिन दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। इसी दिन मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। सदियों से दशहरा के दिन रावण जलाया जाता है। तो आइए जानते हैं कि इस वर्ष रावण दहन और शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। साथ ही, रावण जलने के बाद एक छोटा सा काम करने से आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा हमेशा दूर रह सकती है।आज 1 अक्टूबर को कन्या पूजन के बाद नवरात्रि की नवमी तिथि का समापन होने जा रहा है। वहीं, दशमी तिथि पर दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। इस दिन सदियों से रावण दहन किया जाता है और शस्त्र पूजन का भी विधान होता है। हर वर्ष आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन यह त्योहार मनाया जाता है। विजयदशमी पर ही मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। यही कारण है कि यह तिथि मां दुर्गा से भी जुड़ी हुई है। दशहरा के दिन पूरे देशभर में शाम के समय रावण दहन किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल रावण दहन और शस्त्र पूजन का शुभ मुहूर्त कब रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आज यानी 1 अक्टूबर, बुधवार को शाम के 7 बजकर 2 मिनट से दशमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। वहीं, अगले दिन यानी 2 अक्टूबर, गुरुवार के दिन शाम के 7 बजकर 2 मिनट पर दशमी तिथि का समापन होगा। लेकिन शास्त्रीय विधान के अनुसार, उदय तिथि 2 अक्टूबर को पड़ने से इस पूरे दिन को दशमी तिथि माना जाएगा। ऐसे में दशहरा 2 अक्टूबर का रहेगा। 2 अक्टूबर को दोपहर के 2 बजकर 9 मिनट से लेकर 2 बजकर 56 मिनट तक दशहरा पूजन के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त रहेगा। इस दौरान शस्त्र पूजन करना सबसे शुभ होगा। मान्यता है कि विजय मुहूर्त में व्यक्ति जो भी नया या शुभ काम करेगा उससे कई गुना फल की प्राप्ति होगी। कहा जाता है कि इस दिन दसों दिशाएं खुली रहती हैं। ऐसे में इस मुहूर्त में आप कोई नया काम या नया सामान खरीद सकते हैं। इससे जातक को कई गुना तरक्की प्राप्त हो सकती है। 2 अक्टूबर, गुरुवार के दिन शाम को प्रदोष काल के समय 6 बजकर 6 मिनट से लेकर 7 बजकर 19 मिनट तक रावण दहन के लिए सर्वोत्तम समय रहेगा। इस अवधि के दौरान रावण जलाना सबसे उत्तम होगा, लेकिन विशेष परिस्थिति में 7 बजकर 45 मिनट तक भी रावण दहन किया जा सकता है। मान्यता है कि रावण जलने के बाद एक छोटा सा काम जरूर करना चाहिए। इसके लिए जब दशहरा के दिन रावण पूरी तरह जल जाए, तो उसमें से बची थोड़ी लकड़ी या राख को घर में लाकर रखना चाहिए। इसे ऐसे स्थान पर रखें जहां किसी भी व्यक्ति की उस पर नजर न पड़ पाए। इस उपाय को करने से जातक के घर से नकारात्मक ऊर्जा हमेशा दूर रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही, इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।