इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- उत्तर प्रदेश के इटावा में रिश्तों की रंजिश ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे युवक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कर दिया। इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग और ‘ऑनर’ की मानसिकता सामने आई है।कोचिंग के लिए निकला, फिर नहीं लौटा थाना भरथना क्षेत्र के बंधा गांव निवासी मनीष 18 फरवरी की सुबह करीब सात बजे घर से कोचिंग के लिए निकला था। लेकिन रात तक वह वापस नहीं लौटा। चिंतित परिजनों ने उसी शाम भरथना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगली रात, 19 फरवरी को करीब दस बजे थाना इकदिल क्षेत्र के चित्भवन रेलवे ट्रैक के पास पॉलिथीन में लिपटा क्षत-विक्षत शव मिला। शव की हालत देख पुलिस भी सन्न रह गई। पहचान बाद में मनीष के रूप में हुई। परिवार के दबाव पर प्रशासन ने पांच डॉक्टरों की फॉरेंसिक टीम गठित की और शनिवार को दोबारा पोस्टमार्टम कराया। एक्स-रे जांच में शरीर में फंसी गोली मिली, जिसे डॉक्टरों ने बाहर निकाला। इसके बाद साफ हो गया—यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
CCTV से खुली पूरी साजिश
रेलवे ट्रैक के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में एक कार दिखाई दी, जिससे पॉलिथीन में लिपटा शव फेंका गया था। पुलिस ने नंबर ट्रेस कर कार मालिक दीपक को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने पूरी साजिश उगल दी। प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मनीष का कोसोपुर कला निवासी आकांक्षा यादव नाम की ट्रेनी सिपाही से प्रेम प्रसंग था। आकांक्षा इस समय रामपुर में प्रशिक्षण ले रही है। दोनों बचपन से साथ पढ़े थे।
आकांक्षा का भाई अभिषेक यादव केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीआरपीएफ/सीएपीएफ) में तैनात है और इन दिनों जालंधर में पोस्टेड था। वह इस रिश्ते से नाराज था। बताया गया है कि उसने अपनी बहन को मनीष के साथ घूमते देख लिया था। 17 फरवरी को वह छुट्टी लेकर गांव पहुंचा और यहीं से हत्या की साजिश रची गई।
लिफ्ट के बहाने कार में बैठाया, चलती कार में पिटाई
18 फरवरी की सुबह करीब साढ़े सात बजे अभिषेक ने अपने दोस्त दीपक (केशवपुर कला निवासी) और मानिकपुर गांव के विपिन यादव के साथ मिलकर योजना को अंजाम दिया। तीनों दीपक की कार से भरथना पहुंचे। कोचिंग के लिए पैदल जा रहे मनीष को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया गया।
चलती कार में ही मनीष की बेरहमी से पिटाई की गई। बाद में उसे सुनसान जगह ले जाकर शाम के समय गोली मार दी गई।
रात भर डिग्गी में रखा शव, फिर टुकड़े कर फेंका
हत्या के बाद शव को कार की डिग्गी में छिपाकर रखा गया। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अगले दिन शव के टुकड़े किए, पॉलिथीन में भरा और शुक्रवार देर रात थाना इकदिल क्षेत्र के चित्भवन रेलवे ट्रैक के पास फेंककर फरार हो गए।तीन टीमें गठित, मुख्य आरोपी फरार एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन टीमें लगाई गई थीं। कार मालिक दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी सीआरपीएफ जवान अभिषेक यादव और उसके साथी विपिन यादव की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
होनहार छात्र था मनीष
मनीष अपने परिवार में एक बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। वह और उसका बड़ा भाई अवनीश दोनों सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे। मनीष ने बीएससी एग्रीकल्चर और बीएड किया था। हाल ही में उसने जूनियर असिस्टेंट की परीक्षा भी दी थी, जिसका परिणाम अभी आना बाकी था।
एक होनहार छात्र, जिसके सपनों में प्रशासनिक सेवा थी, वह प्रेम संबंध की रंजिश में जिंदगी हार गया। इटावा का यह हत्याकांड एक बार फिर बता गया कि रिश्तों पर ‘इज्जत’ का बोझ जबरन डालने की सोच कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।












