इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- चैत्र नवरात्रि एवं नवसंवत्सर 2083 के पावन शुभ अवसर पर छात्राओं ने एक दूसरे को तिलक लगाया एवं शुभ मंगलकामनाओं कामनाएं प्रेषित कीं। साथ ही चैत्र नवरात्रि एवं नवसंवत्सर अर्थात हिंदू नववर्ष पर संगोष्ठी प्राचार्य डॉ पुष्पेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में की गई।इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने अपनी जिज्ञासा समाधान हेतु प्रश्नोत्तरी भी की।अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि नौ दिनों का ये उत्सव मनोरंजन का नहीं साधना का उत्सव होता है जिसमें तीन दिन तमोगुण तीन दिन रजोगुण और अंतिम तीन दिन सतोगुण पर विजय प्राप्त कर शांत स्वरूप परमात्मा में जगना होता है। हमें अपनी परंपरा को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की आज अत्यंत आवश्यकता है।इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता जय सर सुनील कुमार सोनू जी जय मंगल सिंह अंजली परिहार काजल परिहार आशिकी मनीषा सभी समस्त छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।













