छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- बहुत से सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने केंद्रीय संचार ,सूचना प्रसार एव प्रोधोगिकी मंत्री ज्योतिरादित्यसिंधिया के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बाहल किये जाने की मांग की ज्ञापन में बताया कि देश में लगभग 1.65 लाख डाकघर हैं जो भारत संचार विभाग के अंतर्गत कार्यरत है । जो दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है । सोशल मीडिया के युग में आज भी देश के लोग भारतीय डाक विभाग को प्रथमिकता देते हैं । 1 अक्टूबर 2025 को इस ने विभाग द्वारा रजिस्टर्ड डाक सेवा बन्द कर दी । जिसकी जगह स्पीड पोस्ट सेवा के माध्यम से ही पत्रों का आदान प्रदान हो रहा है । स्पीड पोस्ट सेवा ज्यादा महंगी है और जहाँ हवाई जहाज की सेवा हो वहाँ के लिए ठीक है । पूरे मध्यप्रदेश में 55 जिले है । जिसमें से केवल भोपाल ,जबलपुर , ग्वालियर , इंदौर में रेगुलर हवाई जहाज की सेवा है । लगभग 51 जिले इस सेवा से वंचित हैं । वैसे भी मेरे जिले में दिन भर जो जो पत्र रजिस्टर्ड होते हैं वे सब के सब पत्र जबलपुर भेजे जाते हैं ।फिर वहां से अन्य जगह वितरित होतें हैं । इन सब प्रक्रिया को लगभग 5 – 6 दिन लगते ही हैं। जबकि स्पीड पोस्ट में 48 घण्टे में सेवा प्रदान करने का नियम है। जो यहाँ सम्भव नहीं है । पहले रजिस्टर्ड डाक से 22 रुपए में पोस्ट हो जाया करती थी अब न्यूनतम 55 रुपये लगते हैं। जिससे आम जनमानस ठगा सा महसूस कर रहें हैं । लोग दबी जुबान से कहते हैं कि डाक विभाग ने लूट का धंधा बनाया है ।जिले में लगभग प्रतिदिन 2 हजार डाक पोस्ट होती। जिसमे आम जनमानस को लगभग 60 हजार रुपये अधिक देना पड़ रहा है। देश मे लगभग 800 जिले है गुणा भाग करे तो करोड़ो रुपये अतिरिक्त राशि प्रतिदिन डाक विभाग कमा रहा है या लूट रहा है यह सब जांच का विषय है । यही हाल पूरे देश का है। रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बहाल किये जाने की मांग की गई ज्ञापन देते समय आधुनिक चिंतक हरसुल रघुवंशी , राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , कुनबी समाज के मार्गदर्शक सुभाष इंगले , कलार समाज के प्रमुख बबलू माहोरे ,कुनबी के युवा नेता अंकित ठाकरे , साहू समाज के ओमी साहू ,पवार समाज के गौरीशंकर धारे , अशोक कराडे ,ओमप्रकाश डहेरिया , अश्विन पटेल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।













