हरियाण में वाई पूरन कुमार सुसाइड मामला लगातार हाई प्रोफाइल होता जा रहा है। मामले में सियासी पारा भी चरम पर पहुंच गया है। अभी तक मृतक आईपीएस पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। मामले में आईपीएस अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो चुकी है। एफआईआर में दर्ज नामों में से नरेंद्र बिजारनिया को रोहतक एसपी के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह दूसरे एसपी सुरेंद्र भौरिया को लगाया गया है।
वहीं डीजीपी बदले जाने की भी संभावनाएं तेज होती जा रही हैं। मृतक के परिवार वालों के आरोप हैं कि शव का जबरदस्ती पोस्टमार्टम करवाने के लिए डेड बॉडी को चंडीगढ़ पीजीआई ले जाया गया है। आज उनके शव का पोस्टमार्टम हो सकता है।
आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड मामले में 14 आईपीएस, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल है। मृतक वाई पूरन कुमार की पत्नी IAS अमनीत पी कुमार ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी और बाकी अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत देकर जांच की मांग सीएम नायब सिंह सैनी से की थी।
इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सुसाइड नोट को आधार बनाकर 14 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। FIR में सभी के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने BNS की धारा 108, 3(5), 3(1)(R) और SC, ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।












