नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (मनमोहन सिंह):
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी और उनके साथ शहीद हुए गुरसिखों — भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी — की अमर कुर्बानी को समर्पित “राष्ट्रीय गतका मुकाबला” का भव्य आयोजन दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा बुढ़ा दल गतका अकादमी (ऑल इंडिया) के सहयोग से किया गया। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल, पंजाबी बाग, नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें गतका के माहिर युवाओं ने श्रद्धा और जोश के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने समारोह में भाग लेते हुए कहा कि गतका केवल एक खेल नहीं, बल्कि सिख मर्यादा, शौर्य और धार्मिक आदर्शों का सजीव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस पारंपरिक मार्शल आर्ट से जोड़ना सिखी के जज़्बे को जीवित रखने जैसा है।
कार्यक्रम के दौरान रविंदरपाल सिंह और उनकी समर्पित टीम ने सरदार हरमीत सिंह कालका को “गतका रत्न सम्मान” से सम्मानित किया। सरदार कालका ने इस सम्मान के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूरी टीम और सिख कौम के सेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस मौके पर अनेक प्रख्यात हस्तियाँ, गतका प्रशिक्षक, विद्यार्थी और संगतों ने भाग लिया तथा शहीदों की अमर यादों को नमन किया।












