छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा अनुसार जेल में निवासरत बंदियों का जीवन उन्नत करने के उद्देश्य से , आध्यात्मिकता के गुण विकसित करने के निमित्त प्रतिमाह परम् पुज्य संत श्री आशारामजी बापू की कृपापात्र शिष्या साध्वी प्रतिमा बहन का सत्संग सम्पन्न होता है। जिला जेल में आज लगभग 780 बंदी और 150 कर्मचारियों ने सत्संग का लाभ लिया । साध्वी बहन ने बताया कि आज मोहनी एकादशी है । इसके व्रत की बड़ी भारी महिमा है । प्रति माह दो एकादशी आती हैं। एक शुक्लपक्ष की और दूसरी कृष्ण पक्ष की । मनुष्य के जीवन मे नियम , संयम होना जरूरी है । जिनके जीवन में यह नही होता , उसका जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी जैसा होता है। जिसका दुर्घटना ग्रस्त होने की प्रबल संभावना होती है। सभी उपवास का धार्मिक , आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व है । इस एकादशी के व्रत से अनेक जन्मों के मेरु पर्वत जैसे पाप नष्ट हो जातें हैं ; ये धार्मिक महत्व है । एकादशी का वैज्ञानिक कारण है कि हम प्रतिदिन 2 बार भरपेट भोजन करतें हैं और साथ में भरपेट नाश्ता भी । इसको पचाने के लिए हमारा पाचन तंत्र हमेशा कार्यरत रहता है । पाचन तंत्र को भी आराम चाहिए जो कि इस उपवास से मिलता है। जैसे सरकारी अधिकारी , कर्मचारी या व्यपारी 7 दिन खूब काम करता है उसे सरकार 1 दिन की छुट्टी देती है , ताकि वो फ्रेश होकर , पूर्ण उत्साह के साथ सोमवार से कार्य करे । इसी प्रकार उपवास रहने से हमारे पाचन तंत्र और शरीर के अन्य तंत्रों को भी आराम मिलता है जिससे मनुष्य स्वस्थ , दीर्घायु और निरोगी रहता है । सभी बंदियों को नशे से होने वाली हानि और सत्संग के होने वाले फायदे से अवगत कराया । सभी बन्दियों ने भजन , कीर्तन पर खूब नृत्य किया और साध्वी बहन से प्रतिमाह आने का आग्रह किया जिसे साध्वी बहन ने सहर्ष स्वीकार कर लिया । इस प्रकार के सत्संग कार्यक्रम देश के 1401 जेलों से सम्पन्न हो रहें हैं जिसका लाभ लाखों लाखों बंदी ले रहें हैं। इस दैवीय कार्य में साध्वी रेखा बहन , चेतना बहन ,समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक डोईफोड़े , विनय सनोडिया ,सुजीत सूर्यवंशी अशोक मोरे , दीपा डोडानी , मीणा गोधवनी , छाया सूर्यवंशी ,डॉ मीरा पराडकर ,दीपिका साहूउपस्थित रहे ।समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने जेल अधीक्षक यजुर्वेद वाघमारे , उप जेल अधीक्षक ज्ञानशू भारतीय जेलर आसिष मंजना का आभार व्यक्त किया।













