इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- जनपद जालौन में निजी विद्यालयों की फीस व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सम्बंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 एवं संशोधन-2020 के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक भार से राहत दिलाना है। निर्देशों के अनुसार अब जनपद के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय—चाहे वे बेसिक, माध्यमिक, CBSE या ICSE बोर्ड से संबंधित हों—को नए शैक्षणिक सत्र से पहले अपनी फीस संरचना पूरी तरह सार्वजनिक करनी होगी। प्रत्येक विद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट एवं नोटिस बोर्ड पर फीस का विस्तृत विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही फीस किस्तों (मासिक, तिमाही या छमाही) में ही ली जाएगी, केवल वार्षिक शुल्क लेने की अनुमति नहीं होगी।जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विद्यालय को सत्र के बीच में बिना अनुमति फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। हर प्रकार की फीस के बदले रसीद देना अनिवार्य रहेगा तथा विद्यालय किसी भी अभिभावक या छात्र को किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। यूनिफॉर्म में भी अनावश्यक बदलाव पर रोक लगाते हुए निर्देश दिया गया है कि पांच वर्ष से पहले यूनिफॉर्म परिवर्तन नहीं किया जाएगा, और यदि आवश्यक हो तो समिति की अनुमति अनिवार्य होगी। फीस वृद्धि की स्थिति में विद्यालय को कम से कम तीन माह पूर्व जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा और यह स्पष्ट करना होगा कि वृद्धि क्यों आवश्यक है। बिना अनुमति फीस वृद्धि करने वाले विद्यालयों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार अधिक वसूली गई फीस वापस कराई जाएगी तथा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पुनः उल्लंघन की स्थिति में फिर से धनवापसी के साथ 1 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप यह व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को मनमानी फीस वसूली से राहत मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी विद्यालयों में इन नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।












