शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी पूरी, सड़क के साथ-साथ आवश्यकतानुसार पानी की निकासी के लिए ड्रेनों का भी किया जाएगा निर्माण
चंडीगढ़, 24 मार्च- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार के अथक प्रयासों से जिला पानीपत में ...
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चंडीगढ़, 24 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 का राज्य बजट हरियाणा के लोगों की प्राथमिकताओं ...
चंडीगढ़ , 19 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर उत्तराखंड की ...
चंडीगढ़, 11 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खेल मात्र पदक जीतने का ही ...
चंडीगढ़, 11 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में यदि बिना डिग्री व लाइसेंस ...
चण्डीगढ़, 8 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का दिन महिलाओं द्वारा अपने अधिकारों के लिए किए संघर्षों और उपलब्धियों की याद दिलाता है। रक्तदान महादान है और मानवता की सच्ची सेवा है। इस रक्तदान शिविर का संदेश पूरे देश में जाएगा और अन्य महिलाओं को भी समाज सेवा के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय महिला पी.जी. महाविद्यालय पंचकूला में आयोजित नारी शक्ति रक्तदान शिविर में रक्तदातों और उपस्थित महिलाओं को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रक्तदान करने वाली महिलाओं को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया। रक्तदान शिविर में 138 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान किया। मानव सेवा के लिए महिलाओं की गहरी भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कई बार अनेक रक्तदान शिविरों में गया हूॅ। लेकिन ऐसा रक्तदान शिविर पहली बार देखा है, जिसमें केवल महिलाएं ही रक्तदान कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने का इससे अच्छा और कोई तरीका नहीं हो सकता। इस रक्तदान शिविर में केवल महिलाएं ही रक्तदाता हैं। इसमें विभिन्न वर्गों की महिलाएं रक्तदान कर रही हैं। इनमें आई.टी.बी.पी. की महिला जवान, अधिकारी, डॉक्टर्स, शिक्षक, स्वच्छता नायक आदि शामिल हैं। इन सबकी भागीदारी यह दशार्ती है कि मानव सेवा के लिए इनकी गहरी भावना है। उन्होंने कहा कि यह शिविर प्रमाणित करता है कि महिलाएं केवल अपने घर-परिवार को ही संवारने का काम नहीं करती, बल्कि दूसरों के जीवन को भी बचाने का काम कर रही हैं। इस रक्तदान शिविर में महिलाएं, बेटियां रक्तदान कर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। पंचकूला जिले के ‘श्रेष्ठ ग्राम‘ बरवाला की तीन सर्वाधिक प्रतिभाशाली बेटियों को किया सम्मानित श्री नायब सिंह सैनी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंचकूला जिले के ‘श्रेष्ठ ग्राम‘ बरवाला की तीन सर्वाधिकप्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री ने इन्हें ‘श्रेष्ठ ग्राम की श्रेष्ठ बेटियां‘ कहा। उन्होंने बताया कि श्रेष्ठ ग्राम की उपाधि उस गांव को देते हैं, जिसमें लिंगानुपात श्रेष्ठ है। बरवाला गांव के निवासियों की बेटियों के प्रति अच्छी सोच के चलते बरवाला में एक हजार बेटों के पीछे 1059 बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ ग्राम की श्रेष्ठ बेटियां, जिनमें महक को 75 हजार रुपये, आरजू को 45 हजार रुपये और लतिका भटी को 30 हजार रुपये का चैक देकर सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए पीसी-पीएनडीटी कार्यक्रम चलाया हुआ है। इसके तहत 5 हजार या इससे अधिक की आबादी वाले उस गांव को हर वर्ष ‘श्रेष्ठ ग्राम‘ पुरस्कार प्रदान किया जाता है, जिसका लिंगानुपात 1,000 या उससे अधिक होता है। रक्तदान एक सामाजिक जिम्मेदारी, जरूरतमंद व्यक्ति को मिलता है जीवनदान मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान से पीड़ित व्यक्ति को न केवल नया जीवन मिलता है, बल्कि वह सदा ही रक्तदाता का आभारी रहता है। विज्ञान चाहे आज नित नई प्रगति कर रहा है, लेकिन अभी तक विज्ञान रक्त का कोई विकल्प नहीं ढूंढ पाया। मानव का रक्त ही दूसरे मानव के काम आ सकता है। रक्तदान एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एक यूनिट रक्तदान से भी किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवनदान मिल सकता है। सरकार महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम पर दे रही है विशेष ध्यान श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम पर विशेष ध्यान दे रही हैं। गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया के उपचार के लिए आयरन सुक्रोज इंजेक्शन निःशुल्क दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम में हरियाणा को देश में प्रथम स्थान मिला है। गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना‘ चलाई हुई है। इसमें उन्हें पोषाहार के लिए 5 हजार रुपये वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। अब तक 9 लाख 13 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए मुफ्त एम्बुलेंस वैन चलाई जा रही हैं। आंगनवाड़ी में आने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए ‘मुख्यमंत्री दूध उपहार‘ योजना चलाई जा रही है। इस योजना में 6 वर्ष तक के लगभग 10 लाख बच्चों तथा लगभग 3 लाख गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को फोर्टिफाइड दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा, ‘मिशन इन्द्रधनुष‘ अभियान के तहत कई तरह की बीमारियों से बचाव के लिए 3 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं तथा 11 लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है। रक्तदान सिर्फ खून ही नहीं, उम्मीद व नया जीवन - कुमारी आरती सिंह राव हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि आज यहा पर जो रक्तदान शिविर लगाया गया है इसमें सिर्फ महिलाओं ने ही रक्तदान किया है। यह हरियाणा का ही नहीं, देश में पहली बार ऐसा रक्तदान शिविर लगाया गया है जहां पर महिलाओं ने रक्तदान किया है, जो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बहुत बड़ी बात है। हरियाणा सरकार द्वारा पीसी-पीएनडीटी कार्यक्रम के अंतर्गत हर जिले में हर वर्ष श्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया जाता है। जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों के जन्म को बढ़ाना और लिंगानुपात में सुधार लाना है। श्रेष्ठ ग्राम की बेटियां जिन्होनें उस वर्ष दसवीं कक्षा में सर्वश्रेष्ठ स्कोर प्राप्त किया है, उन्हें पुरस्कार प्रदान किए जाते है। इसी के तहत सरकारी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बरवाला, जिला पंचकूला की तीन बेटियों को श्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन श्रेष्ठ बेटियों की उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मानित करना ये बालिकाएं केवल अपने पूरे परिवार की ही नहीं,बल्कि पूरे समुदाय के लिए नई राह दिखाने का कार्य कर रही है। यह रक्तदान शिविर रक्तदान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक संदेश है नारी शक्ति के योगदान को सम्मान देता है हर महिला जो आज रक्तदान कर रही है वें सिर्फ खून ही नहीं उम्मीद व नया जीवन दे रही है। इस अवसर पर कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, पंचकूला मेयर श्री कुलभूषण गोयल और पंचकूला की सीएमओ डॉ मुक्ता कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों के अधिकारीगण भी मौजूद रहे।
चंडीगढ़, 8 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के सेक्टर पांच स्थित टाउन पार्क में आज विधिवत रूप से 37वें बसंत उत्सव का शुभारंभ किया। इस दो दिवसीय बसंत उत्सव का आयोजन पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थितजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत दुनिया का ऐसा देश है जिसमें अनेक ऋतुओं का संगम है और हर ऋतु का अपना महत्व है। यहाँ प्रत्येक ऋतु के आगमन पर कोई ना कोई पर्व मनाया जाता है। इसी कड़ी में बसंत के आगमन पर आज यहाँ 37वें बसंत उत्सव का आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला शिवालिक की तलहटी और माता मनसा देवी के चरणों में बसा आधुनिक शहर है। प्राकृतिक सुंदरता और सुव्यवस्थित विकास के लिए पंचकूला शहर जाना जाता है। यहां पर आधुनिकता और परंपरा का अंगूठा संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि इस बार बसंत उत्सव में प्रकृति की अनुपम छटा हर तरफ दिखाई दे रही है। यहाँ पर फूलों को देखकर लगता है कि प्रकृति खुशी से झूम रही है और बसंत उत्सव में नव ऊर्जा का संचार महसूस हो रहा है। आज का यह आयोजन सभी के जीवन में नई उमंग लेकर आया है। इस भव्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने विशेषतौर पर पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी लगातार मेहनत से इस बसंत उत्सव का सफल आयोजन संभव हुआ है। श्री नायब सिंह सैनी ने फेस्टिवल में फूलों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन करने के साथ-साथ पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल में स्कूली बच्चों द्वारा पेंटिंग, फैंसी ड्रेस, रंगोली, चित्रकला, लोक नृत्य, लोक कलाकारों की प्रस्तुति सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान पर रहे नागरिकों को सम्मानित भी किया। राउंड अबाउट के रखरखाव केटेगरी में चंडीमंदिर कैंट स्थित वेस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर्स के वेलनेस सेंटर को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, गार्डन इन स्कूल कैंपस प्राइमरी (जूनियर विंग) में सतलुज पब्लिक स्कूल सेक्टर - 2 पंचकूला और गार्डन इन स्कूल कैंपस सेकेंडरी विंग केटेगरी में सेक्टर 20 स्थित द गुरुकुल को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में नगर एवं ग्राम योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बसंत उत्सव के आयोजन बारे जानकारी दी। पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग ने बताया कि दो दिन तक चलने वाले बसंत उत्सव में पुष्प सज्जा, कट फ्लावर, रंगोली प्रतियोगिता, चित्रकला, पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस पेंटिंग और टैटू प्रतियोगिता, पर्यावरण क्विज, मेहंदी प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हास्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें कई प्रसिद्ध हास्य कवि लोगों का भरपूर मनोरंजन करवाएंगे। इसी प्रकार 9 मार्च को युगल डांस प्रतियोगिता, बेबी शो, सेल्फी प्रतियोगिता, सोलो गायन प्रतियोगिता, लोक नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसका जिला के सभी नागरिक भरपूर आनंद उठा सकेंगे। बसंत उत्सव में कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल, सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
चंडीगढ़, 08 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में आधारभूत ढांचागत विकास कराने के साथ ही सरकारी नियमों की अनुपालना प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो, इस पर विशेष फोकस कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी हरियाणा सरकार विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। हरियाणा सरकार खनन विभाग के माध्यम से राज्य में खनिज संसाधनों के अंवेषण, विकास और प्रबंधन को कवर कर रही है। खनन विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग का कहना है कि अवैध खनन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध है और संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए गए हैं। अवैध खनन को रोकने व बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर हरियाणा सरकार की पारखी नजर है ओर नियमों की अवहेलना करने वालों पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। जिला खनन अधिकारी कमलेश बिधलान ने बताया कि विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग के आदेशानुसार व डीसी विक्रम सिंह की देखरेख में जनवरी माह से अवैध खनन को रोकने व बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं विभागीय आदेशों की अनुपालना करते हुए यमुना नदी क्षेत्र सहित जिला से निकल रहे नेशनल व स्टेट हाईवे पर खनिज वाहनों की चेकिंग कर रही हैं। साथ ही दिन रात अवैध खनन रोकने के लिए उनकी पूरी टीम सक्रियता से जिला में मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जहां कहीं भी नियमों की अवहेलना पाई जाती है तो उनकी टीम निर्धारित नियमों की अनुपालना करते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिला में यमुना नदी सहित किसी भी क्षेत्र में अवैध खनन होना नहीं पाया गया है तथा उनकी चैकिंग टीम ई रवाना बिल की भी जांच खनिज वाहनों की कर रही है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि यदि कहीं भी अवैध खनन हो रहा है अथवा बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहन चलने की सूचना देनी है तो विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-5530 पर संपर्क कर सकते हैं।
चंडीगढ, 22 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ट्रिप्पल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रदेश में ...
चंडीगढ़, 19 फरवरी – हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी को बढ़ाने की दिशा में एक अग्रणी कदम उठाते हुए, बागवानी फसलों के लिए हरियाणा-यूके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन सस्टेनेबल क्रॉप पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट एंड कोल्ड चेन स्थापित करने के लिए बर्मिंघम विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। पंचकूला में स्थापित होने वाले इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्देश्य खेत से उपभोक्ता तक बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी को बनाए रखते हुए कटाई के बाद होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम करना है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। हरियाणा सरकार की ओर से समझौता ज्ञापन पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू ने हस्ताक्षर किए, जबकि विश्वविद्यालय की ओर से बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर (अंतर्राष्ट्रीय) प्रोफेसर रॉबिन मैसन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत का खाद्यान्न भंडार होने के कारण हरियाणा तेजी से ताजे फलों और सब्जियों के उत्पादन में विविधता ला रहा है। इस विस्तार के लिए कोल्ड चेन के प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता है ताकि इस बागवानी क्षेत्र में कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता केंद्र गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बर्बादी को कम करने और हरियाणा में कृषि समुदाय का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्कृष्टता केंद्र एक छत के नीचे एक व्यापक अनुसंधान और परीक्षण केंद्र के रूप में काम करेगा, जो फलों और सब्जियों के कटाई के बाद के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित है। यह सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (सीसीएस एचएयू), हिसार और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान और परीक्षण सेवाएं भी प्रदान करेगा, जिससे उन्हें कटाई के बाद के प्रबंधन और कोल्ड चेन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अध्ययन और प्रयोग करने में मदद मिलेगी। हरियाणा-यूके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख उद्देश्यों में दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल विकसित करके कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, बागवानी उत्पादों के लिए कुशल कोल्ड चेन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण सुविधाएं प्रदान करके और प्रगति का समर्थन करके कोल्ड चेन नवाचारों को बढ़ावा देना, कोल्ड चेन प्रौद्योगिकियों के लिए इनक्यूबेशन समर्थन प्रदान करके तकनीकी स्टार्ट-अप को बढ़ावा देना, ऊर्जा-कुशल कोल्ड चेन समाधानों पर अत्याधुनिक अनुसंधान और टिकाऊ व्यापार मॉडल के विकास के माध्यम से टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देना और बागवानी उपज की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से कोल्ड-चेन प्रथाओं और कटाई के बाद के प्रबंधन (पीएचएम) के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचा स्थापित करना शामिल है। मुख्य शोध गतिविधियों के अलावा, केंद्र व्यवसायों और किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और ऊष्मायन सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे उन्हें तेजी से विकसित हो रहे कृषि परिदृश्य में अनुकूलन और विकास करने में मदद मिलेगी। हरियाणा सरकार ने CoE-SPMCC के विकास के लिए पंचकूला के सेक्टर 21 में बागवानी निदेशालय से सटी 15 एकड़ जमीन आवंटित की है। केंद्र में एक प्रशिक्षण केंद्र, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन क्षेत्र, परीक्षण केंद्र और प्रौद्योगिकी ऊष्मायन केंद्र होगा। इस सहयोग से, हरियाणा फसल कटाई के बाद टिकाऊ प्रबंधन और कोल्ड चेन प्रथाओं में एक बेंचमार्क स्थापित करने के लिए तैयार है, जो खाद्य अपशिष्ट को कम करने और बागवानी खेती की लाभप्रदता और स्थिरता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। बर्मिंघम विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ पंचकूला में केंद्र के विकास में तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए यूके और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के एक संघ का नेतृत्व कर रहे हैं। इस संघ में हेरियट-वाट विश्वविद्यालय, क्रैनफील्ड विश्वविद्यालय, लंदन साउथ बैंक विश्वविद्यालय और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) शामिल हैं। इस सहयोगात्मक प्रयास ने केंद्र के डिजाइन और स्थापना को प्रेरित किया है, जिसमें बर्मिंघम विश्वविद्यालय ऊर्जा और शीतलन, ऊर्जा संक्रमण और भंडारण के लिए लचीले सिस्टम दृष्टिकोण और इन प्रौद्योगिकियों के सामाजिक प्रभावों को समझने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, बागवानी विभाग के प्रमुख डॉ. अर्जुन सिंह सैनी और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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