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किसके आदेश से नियमित कोलोनी पर धारा 7A लागू की:-ओंकार सिंह

 

मडीटीपी अम्बाला के 7A सम्बन्धी पत्र व आरटीआई स्पष्टीकरण पश्चात किसका इंतजार।

उपायुक्त अम्बाला बोले मैंने बन्द करने का कोई आदेश नही दिया।

 

नियमित कॉलोनियों पर जबरी अर्बन नियंत्रित छेत्र 1975 की धारा 7A लगाने को लेकर आज इनैलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह पुनः उपायुक्त अम्बाला से मिले और उन्होंने कहाकि डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडी से प्राप्त आरटीआई के जवाब में खुलासा हो चुका है हरियाणा सरकार के पत्र दिनांक19/12/2018 के निर्देशों अनुसार नियमित कॉलोनी में डीटीपी की एनओसी की आवश्यकता नही है फिर भी तहसीलदार मानने को तैयार नही है। उन्होंने बताया कि डीयूएलबी से 11 मई 2022 को आरटीआई के जवाब प्राप्त हुआ जिसमें पत्र का हवाला दिया गया है जिसमे अतरिक्त मुख्यसचिव राजस्व को निर्देश दिया गया है कि वो अपने फील्ड अधिकारियों को डिरेक्शन्स जारी कर की हरियाणा सरकार द्वारा 2013-14 व 2018 में नियमित कॉलोनियों की रजिस्ट्री सम्बंधित स्थानीय निकाय अर्थात नगरपालिका/नगरपरिषद/नगरनिगम से एनओसी या एनडीसी प्राप्त करके कर दे। इस सम्बंध में सिटी मजिस्ट्रेट अम्बाला द्वारा डीटीपी अम्बाला को भी नियमित कॉलोनी की रजिस्ट्री बारे स्पष्ट प्रावधान पूछा था। डीटीपी अम्बाला ने भी अपने पत्र क्रमांक 5340/डीटीपी/अम्बाला/2022 दिनांक 11/5/2022 को स्पष्ट कर दिया कि सरकार द्वारा किसी भी नियम या कानून के अनुसार नियमित कॉलोनी के लिए धारा 7A के तहत एनओसी की आवश्यकता नही है। यह तथ्य आज जब उपायुक्त अम्बाला के सज्ञान में लाकर उन्होंने उनसे कहाकि आप तहसीलदार अम्बाला छावनी को निर्देश दे कि वो नियमित कॉलोनी में बिना डीटीपी की एनओसी के रजिस्ट्री करें तो उपायुक्त बोले कि मैंने तहसीलदार को पहले कोनसा कोई निर्देश दिए हैं कि नियमित कॉलोनी में डीटीपी की एनओसी ली जाए। बार बार कहने पर उपायुक्त महोदय बोले कि मैं तहसीलदार अम्बाला छावनी को फोन कर देंगे कि नियमानुसार रजिस्ट्री करें ताकि जनता को परेशानी न हो। उन्होंने कहाकि प्रत्येक मामले में तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश चाहिए ताकि भ्र्ष्टाचार न पनपे। कितनी अजीब बात है कि डीयूएलबी के लिखित निर्देश और डीटीपी अम्बाला का स्पष्टीकरण भी मानने को तैयार नही अधिकारी। जनता परेशान हो रही है और चौकीदार गायब है। रजिस्ट्री को अधिकारियों ने जिन्न/भूत बना कर रख दिया है। समझ नहो आ रहा कि अम्बाला में कानून का राज या अधिकारियों का। उच्च शिक्षा प्राप्त सुलझे हुए अधिकारी स्पष्ट निर्देश के बावजूद भी मानने को तैयार नही। अम्बाला की जनता से अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहकर संघर्ष करने का आह्वान करते हुए ओंकार सिंह ने कहाकि बेवजह जनता को परेशान करने का खमियाजा आने वाले नगरपरिषद चुनावों में सत्तासीन नेताओ को भुगतना पड़ेगा और जनता अपनी वैल्यू चुनाव के समय नेताओं को बताएगी।

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