No Result
View All Result
Wednesday, July 8, 2026
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
  • Login
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US
No Result
View All Result
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
Home WORLD

अब सैटेलाइट से होगी रेलवे की निगरानी, दुर्घटनाओं से बचाएगी ये तकनीक

admin by admin
in WORLD
0
अब सैटेलाइट से होगी रेलवे की निगरानी, दुर्घटनाओं से बचाएगी ये तकनीक
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

झांसीः रेलवे की सम्पत्ति या जमीन पर कब्जा कर पाना अब आसान नहीं रह जायेगा। अपनी संपत्तियों की रक्षा के लिए रेलवे ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) के साथ समझौता किया है। इसरो के सैटेलाइट रेलवे की सम्पत्तियों की निगरानी करेंगे।

आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि रेलवे ने अपनी सम्पत्ति और जमीन की सुरक्षा के लिए इसरो के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर लिये र्हैं और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए रेलवे ने सभी मंडलों को सभी संपत्तियों का डाटा संकलन करने के दिशा-निर्देश दिये हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक मंडल में एक-एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जायेगा, जहां रेलवे के अधिकारी सभी संपत्तियों की जानकारी मुख्य कंट्रोल रुम को देंगे। इसके जरिये इसरो के पास पूरी जानकारी भेजी जायेगी। चिह्नित स्थानों को सैटेलाइट में फीड किया जायेगा।

इसके साथ ही रेलवे की सभी संपत्तियों का खाका तैयार किये जाने के बाद जीआईएस पोर्टल विकसित किया जायेगा। यह पूरी तरह से जीपीएस प्रणाली पर आधारित होगा। इसका कार्य जोरशोर से चल रहा है, फिलहाल, प्रगति के लिहाज से कार्य इस साल के दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। इसके लिए सीआरआइएस (सेंटर फॉर रेलवे इनफर्मेशन सिस्टम्स) एप्लीकेशन तैयार करने में लगा है।

सूत्रों के अनुसार रेलवे ने संपत्तियों की निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश दिये हैं। बताये गये मैपिंग के हिसाब से सैटेलाइट में चिह्नित स्थान अपलोड होगा, जिससे 24 घंटे उन पर नजर रखी जा सकेगी। इसमें रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। इसके अलावा, इसके जरिये रेलवे ट्रैकों पर भी नजर रखे जा सकेगी ताकि ट्रैक और सिग्नल उपकरणों की खामी को पकड़ा जा सके।

ट्रैकों के काम भी आॅनलाइन दिखेंगे। इससे रेलवे को यह भी जानकारी मिलेगी कि कहां निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है। रेलवे के मुताबिक, पूरी प्लानिंग के बाद ही इसरो के साथ समझौता किया गया है। इसके लिए रेलवे के इंजीनियर और इसरो संयुक्त रुप से प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

Post Views: 94
Previous Post

आठ वर्षीय बेटी के साथ बाप हर दिन करता था गंदा काम, मां से मिलकर बेटी ने बताई पूरी सच्चाई

Next Post

हालेप मियामी ओपन से बाहर

Next Post
हालेप मियामी ओपन से बाहर

हालेप मियामी ओपन से बाहर

Press Ki Taquat

© 2026 presskitaquat.com - Powered by Press Ki Taquat+919041568800

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US

© 2026 presskitaquat.com - Powered by Press Ki Taquat+919041568800