मोहाली, 28 सितम्बर (प्रेस की ताकत बयूरो)- पंजाब विधान सभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविन्दर सिंह ने पूर्व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की तरफ से पिछले दिनों की गई प्रैस कान्फ़्रेंस बारे कहा है कि समय बहुत बलवान है और इतिहास अपने -आप को फिर दुहराउंदा है।
उन कहा कि पिछले दिनों बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब की कैबिनेट में से बाहर किये जाने पर कांग्रेस हाईकमांड से पूछा थी कि उन का कसूर क्या है। उन कहा कि मीडिया के सामने बलबीर सिंह सिद्धू को रोते देख कर उन को यह बात याद आ गई है कि उन्हों ने भी साल 2007 में विधान सभा खरड़ ’से टिकट काटे जाने पर कांग्रेस हाईकमान से यही सवाल पूछा था कि मेरा क्या कसूर है क्योंकि उन की टिकट भी बलबीर सिंह सिद्धू को दे दी गई थी। उन कहा कि हालाँकि कांग्रेस पार्टी में वह बलबीर सिंह सिद्धू से काफ़ी सीनियर थे परन्तु इस के बावजूद भी टिकट काटे जाने पर वह बिना किसी को दोष दिए अपने घर चले गए थे। उन कहा कि वह विधान सभा क्षेत्र खरड़ के पुराने सेवक होने के नाते सिद्धू से यह ज़रूर पूछेंगे कि क्या सिद्धू ने इस मियाद में कोई ग़ैर -कानूनी जायदाद नहीं बनाई? सिद्धू का साल 2007 से ले कर सितम्बर 2021 तक ग़ैर -कानूनी दौलत, ज़मीन, शराब का काम -काम, ग़ैर -कानूनी कारोबारों का आधार क्या है। उन कहा कि सिद्धू को चाहिए कि गौशाला के नाम पर बलौंगी ग्राम पंचायत की करोड़ों रुपए की ज़मीन वापस कर देने, नहीं तो ओर भी ज़लालत भरा समय देखना पड़ सकता है।
बीर दविन्दर सिंह ने कहा कि महामारी समय प्राईवेट अस्पतालों को बड़े स्तर पर सरकारी वैक्सीन बेच कर ग़ैर -कानूनी व्यापार हुआ और फतह किट में बड़ी धांधली हुई है, वह तुरंत मुख्य मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी से इस मामलो की विजीलैंस पड़ताल करवाने की माँग करेंगे। बीर दविन्दर सिंह ने कहा की सिद्धू को यह भी बताना चाहिए कि आख़िर कोविड महामारी की भयानकता समय जो ग़ैर -कानूनी शराब की ढुलाई सेहत विभाग की ऐंबुूलैंसें में हो रही थी, वह किसदी थी?