No Result
View All Result
Friday, February 13, 2026
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
  • Login
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US
No Result
View All Result
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
Home INDIA

जातिगत आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग।

admin by admin
in INDIA
0
जातिगत आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग।
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)-  विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा जिसमे जातिगत आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की गयी। ज्ञापन में बताया गया कि सन 1950 में संविधान लागू हुआ जिसमें ST/SC के लोगो को मुख्य धारा में जोड़ने ले लिए 10 वर्षो तक आरक्षण का प्रावधान रखा था किन्तु आज 60 साल से भी अधिक समय हो गया है इस पर पुनर्विचार नही किया गया है। इसके कई दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे है। उदाहरण के लिए आपने इस जाति जुड़े एक व्यक्ति को आरक्षण का लाभ देते हुए, मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सरकारी नोकरी दे दी। अब वह व्यक्ति मुख्य धारा में शामिल हो गया। फिर उसके बच्चे अच्छे निजी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने लगे, गाडी, बँगला, जैसी सभी भौतिक सुविधाएं मिल गयी। फिर पीढ़ी दर पीढ़ी यह प्रथा चलने लगी। फिर आरक्षण प्राप्त व्यक्ति के द्वारा हिन्दू धर्म संस्कृति के खिलाफ जहर उगलने की प्रथा प्रारम्भ हुयी। आरक्षित परिवार के बच्चों में यह मानसिकता कब घर कर गयी की ज्यादा पढ़ाई नही करो सिर्फ 40% अंक अर्जित करो नोकरी पक्की है। इससे बच्चों का चहुमुखी विकास अवरुद्ध हो गया, जो देश के विकास के लिए घातक है आरक्षण के लालच में उक्त समुदाय के लोगो को मैंने देखा की सुबह उठकर ब्राम्हणों को कोसना एवं हिन्दू देवी देवताओं का अपमान करना यही कार्य देर रात तक जारी रहता है। जो देश में सामाजिक लोगो में आपसी वैमनष्य उत्पन्न करता है। राजनैतिक पार्टियां भी स्वयं के स्वार्थ के लिए हिन्दूओ को जाति में बांटने का प्रयास करती है। वही समुदाय विशेष की अल्पसंख्यक का दर्जा देकर सारी सुविधाएँ देते रहे। अब इनकी आबादी 3% से 30% हो गयी संविधान के अनुसार 7-8% की आबादी वाले को ही अल्पसंख्यक माना जाता है। इन सब समस्याओं के कारण आम आदमी को भरपूर टैक्स और महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए की आरक्षण सिर्फ आर्थिक आधार पर तय करे।
ज्ञापन देते समय शिक्षाविद विशाल चउत्रे, आधुनिक चिंतक हर्षुल रघुवंशी, युवा सेवा संघ के नितिन डोइफोडे,दिपिन डोइफोडे, सोमनाथ पवार, कुंबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे, बजरंग दल के नितेश साहू, पवार समाज के प्रमुख हेमराज पटले,आई.टी. सेल प्रभारी भूपेश पहाड़े, सोमेश चरपे साहू समाज के ओमप्रकाश साहू कलार समाज के सुजीत सूर्यवंशी, ओमप्रकाश डेहरिया आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

 

Post Views: 79
Previous Post

गमाडा की ऐरोट्रोपोलिस स्कीम के अंतर्गत ज़मीन मालिकों को लेटर ऑफ इंटेंट देने के लिए ऑनलाइन वितरण शुरू

Next Post

अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के बीएससी नर्सिंग के लिए आवेदन प्रारम्भ

Next Post
ਵੈਟਰਨਰੀ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਦੀ ਭਰਤੀ ਸਬੰਧੀ ਲਿਖਤੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਹੁਣ ਮਿਤੀ 21.08.2021 ਨੂੰ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ: ਰਮਨ ਬਹਿਲ 

अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के बीएससी नर्सिंग के लिए आवेदन प्रारम्भ

Press Ki Taquat

© 2023 presskitaquat.com - Powered by AMBIT SOLUTIONS+917488039982

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • ENGLISH NEWS
  • E-Paper
  • CONTACT US

© 2023 presskitaquat.com - Powered by AMBIT SOLUTIONS+917488039982