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सुखबीर सिंह बादल को भड़काऊ बयानबाज़ी से परहेज़ करने की अपील, सरहदी इलाकों में बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने संबंधी केंद्र का फ़ैसला मंजूर नहीं करेंगे-चन्नी

Web Desk-Harsimranjit Kaur

चंडीगढ़, 18 अक्तूबर (शिव नारायण जांगड़ा)- पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज स्पष्ट शब्दों में कहा कि बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र मौजूदा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने की इजाज़त देने संबंधी केंद्र के फ़ैसले को उनकी सरकार स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि यह कदम संघीय ढांचे की भावना के खि़लाफ़ है।

मंत्रीमंडल की मीटिंग के तुरंत बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमन-कानून की व्यवस्था राज्य का मुद्दा है और पंजाब को विश्वास में लिए बिना राज्य पर यह फ़ैसला थोपने का केंद्र सरकार का कोई आधार नहीं बनता। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी सरकार राज्य में अपनी पुलिस फोर्स के साथ अमन-कानून की स्थिति को बनाए रखने में पूर्ण तौर पर समर्थ है। उन्होंने कहा कि पुलिस की काबलीयत और क्षमता स्वरूप ही राज्य में दशकों लंबे आतंकवाद पर काबू पाया गया था जिससे अमन-शान्ति, सद्भावना और भाईचारक सांझ बहाल हुई।

बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के संवेदनशील मुद्दे को तूल देकर लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की आलोचना करते हुए चन्नी ने उनको केंद्रीय बलों का श्री हरिमन्दर साहिब और अन्य धार्मिक स्थानों में प्रवेश करने की भड़काऊ बयानबाज़ी से परहेज़ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के प्रधान बी.एस.एफ. के मुद्दे की आड़ में लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाकर पंजाब को फिर से आतंकवाद के काले दौर में न धकेलें क्योंकि अकाली दल ही राज्य के नौजवानों को गुमराह करके उनको आतंकवाद के मार्ग पर धकेलने के लिए जि़म्मेदार है।

इस सम्बन्धी सुखबीर बादल की तरफ से भड़काऊ बयानबाज़ी किये जाने के लिए शिरोमणि अकाली दल के प्रधान पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए चन्नी ने कहा कि जो कोई भी ऐसे संवेदनशील मुद्दांे को सिर्फ़ अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए उठाता है, वह पंजाब और देश का सबसे बड़ा दुश्मन है।

चन्नी ने आगे कहा कि अब स्थिति की माँग यह है कि इस नाजुक मुद्दे सम्बन्धी लोगों के मन में पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जाये जिसके लिए प्रांतीय कैबिनेट की एक विशेष मीटिंग जल्द ही बुलायी जायेगी और यदि ज़रूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में भी गहराई के साथ चर्चा की जायेगी, परन्तु यदि यह मुद्दा फिर भी नहीं सुलझा तो पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जायेगा।

अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से भूमि का अधिग्रहण करके और उनको बनता मुआवज़ा देकर अपेक्षित भूमि जल्द ही केंद्र सरकार को दे दी जायेगी जोकि पट्टी-मक्खू रेल लिंक विकसित करने के लिए होगी और इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से 13 सूत्रीय एजंडे सम्बन्धी कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखे जाने के मुद्दे बारे मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की तरफ से लोगों के साथ किये हुए वादे पूरे करने के लिए पहले ही ज़ोर-शोर के साथ काम किया जा रहा है और उन्होंने यह यकीन भी दिलाया कि हर वादा पूर्ण रूप में लागू किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रांतीय पार्टी प्रधान का फ़र्ज़ है कि वह पार्टी की हाईकमान को राज्य से सम्बन्धित मामलों बारे अवगत करवाए परन्तु इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी और सरकार के बीच कोई मतभेद हैं।

ठेका आधारित मुलाजिमों बारे पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए चन्नी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसी नीति तैयार की जा रही है जोकि ऐसे मुलाजिमों के हितों की रक्षा करेगी।

इस अवसर पर उपस्थित अन्यांे में उप मुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा और ओ.पी. सोनी के अलावा केैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, अरुणा चौधरी, विजय इंदर सिंगला और परगट सिंह भी शामिल थे।

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