मौड़ मंडी, (सुभाष भारती): शैलर एसो. मौड़ में आज उस समय माहौल गर्म हो गया जब चावल डंप करने को लेकर एक पक्ष के शैलर मालिकों ने सोमा गोदाम के आगे धरना लगाकर दूसरे पक्ष के शैलर मालिकों का चावल डंप होने से रोक दिया, इस विवाद के चलते एफसीआई के अधिकारियों ने समूची डंपिंग पर रोक लगा दी।
सोमा गोदाम के आगे धरना दे रहे अशोक, वनीत महाजन, कंतेश सिंगला, राजेश राजू ने बताया कि उनका आपसी रजामंदी के साथ स्पेस संबंधी 84-84 गाडिय़ां लगाने का फैसला हुआ है जबकि कुछ शैलर मालिक ज्यादा स्पेस ले रहे हैं जिस कारण वह शांतमय ढंग से धरना लगाकर समझौते अनुसार चावल की गाडिय़ां गोदाम में लगवाने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर विजय घुम्मण, यशपाल जस्सी, राकेश काला, अजय टोनी, सुरेश काका व अश्विनी ने बताया कि कुछ शैलर मालिक अपना माल तो डंप करवा रहे हैं परन्तु धरना लगाकर उनकी गाडिय़ों को डंप होने से रोक रहे हैं जिस कारण उन्हें गाडिय़ों को गोदाम के बाहर खड़ी करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ शैलरों में ड्रायर न होने के कारण और बारदाने की कमी के चलते माल लगाने में पीछे रह गए हैं जो अब बराबर स्पेस की मांग को लेकर कोलाहल मचा रहे हैं। एफसीआई के नियमों अनुसार चक्कों को खाली नहीं छोड़ा जा सकता, यदि हमारी गाडिय़ां डंप नहीं होंगी तो एजेंसी की तरफ से ब्याज डालकर उन्हें ओर आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ेगा।
सोमा गोदाम के स्टेशन मैनेजर अशोक शर्मा ने बताया कि यह शैलर मालिकों का आपसी विवाद है जबकि हम तो पहले भी 16 गाडिय़ों को डंप करवा चुके हैं परन्तु कुछ शैलर मालिकों ने धरना लगाकर तीन गाडिय़ों को डंप होने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक शैलर मालिकों के आपसी विवाद का हल नहीं होता तब तक एफसीआई के क्षेत्रीय मैनेजर ने समूची डंपिंग पर ब्रेक लगा दी है। हमारी राय है कि सभी राइस मिलों को समय की नजाकत को समझते हुए शांतिपूर्वक चावल मिलिंग का कार्य समय पर निपटाने को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि किसी राइस मिलर को आर्थिक नुक्सान न हो और डिफाल्टर होने से भी बचें।

