संगरूर, (सुभाष भारती / जसपाल शर्मा): पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश भर में आज से सरकारी खरीद शुरू किए जाने के चलते जिला संगरूर प्रशासन की ओर से जिले भर में 216 मंडियों के साथ-साथ 226 आरजी खरीद केन्द्र स्थापित किए गए हैं जिसके तहत जिले के कुल 442 केन्द्रों पर गेहूँ की खरीद का काम शुरू किया जाएगा। बता दें कि कोरोना महामारी के चलते मंडियों में भीड़ को रोकने के लिए किया गया है और आरजी केन्द्र शैलरों आदि में बनाए गए हैं। फसल अधिक आने पर इन्हें बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि अभी जिले में कुछ दिन पहले बरसात होने के कारण गेहूँ की कटाई का काम शुरू नहीं हो सका जबकि कहीं- कहीं हाथों आदि से गेहूँ की कटाई की गई है परंतु प्रशासन की ओर से शनिवार को अधिकारियों को गेहूँ की खरीद के लिए मंडियों में उतार दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतर खरीद केन्द्रों पर तैयारियों को भी पूरा कर लिया गया है जहां कहीं कमी है वहां भी एक-दो दिन में प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे। जिला मंडी बोर्ड की ओर से इस बार जिले भर में 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है तथा गेहूँ की खरीद के कार्य को 31 मई तक पूरा करना होगा और लक्ष्य की पूर्ति अनुसार प्रतिदिन 23076 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करनी होगी। इस दौरान प्रशासन की ओर से कोरोना से बचाव के लिए भी पिछले वर्ष की तरह की नीति तैयार की गई है। किसानों को 30 फीट के बॉक्स में अपनी फसल उतारनी होगी। किसानों व लेबर समेत मंडी में आने और काम दौरान हर व्यक्ति के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सिर्फ उन किसानों को मंडी में फसल लेकर मंडी में आने दिया जाएगा जिन्हें आढ़तियों द्वारा पर्ची दी गई है। बिना पर्ची से फसल मंडी में दाखिल नहीं होने दी जाएगी। ट्रैक्टर पर ड्राइवर के बिना कोई अन्य व्यक्ति नहीं बैठाने और ट्राली में कम से कम लेबर ही लेकर आने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंडी में सूखी फसल ही लेकर आएं – जिला मंडी अधिकारी
जिला मंडी अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया है कि पिछले सीजन में 12 लाख 9 हजार 289 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। मौजूदा सीजन में गेहूं की रिकार्ड आमद होने की संभावना है। उन्होंने किसानों को अपील की है कि गेहूं की कटाई के समय नमी का ध्यान रखा जाए और मंडी में सूखी फसल ही लेकर आएं ताकि फसल की जल्द खरीद करके समय पर लिफ्टिंग को यकीनी बनाई जा सके।
गेहूं खरीद पर 50 सेक्टर अफसर रखेंगे नजर- डीसी
डिप्टी कमिश्नर संगरूर रामवीर ने बताया है कि केन्द्रों पर गेहूं की खरीद को उचित ढंग से चलाने के लिए विभिन्न सेक्टर अफसरों को तैनात किया गया है जोकि किसी भी समस्या की स्थिति में उप मंडल मजिस्ट्रेट के साथ तालमेल करेंगे। समूह खरीद प्रबंधों की निगरानी एडीसी (ज) करेंगे और संबंधित एसडीएम अपने अधिकार क्षेत्र में खरीद प्रबंधों के इंचार्ज होंगे। जिले की समूह मंडियों में 50 सेक्टर अफसर नियुक्त किए गए है। हर सेक्टर अफसर अधीन 4 से 8 खरीद केन्द्र होंगे।
5 एजेंसियां 1975 प्रति क्विंटल के हिसाब से करेंगी खरीद – ग्रेवाल
जिले में पनसप, वेयर हाउस, मार्कफैड, पनग्रेन और एफसीआई गेहूं की खरीद करेगी जिसका सरकारी रेट 1975 रुपए प्रति क्विंटल निश्चित किया गया है। जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. जसविंदर ग्रेवाल का कहना है कि गेहूं की फसल में नमी 12 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए क्योंकि ज्यादा नमी के कारण मंडी में फसल बेचते समय क्वालिटी कट लग सकता है जिससे फसल की पूरी कीमत नहीं मिलती। उन्होंने बताया नमी की स्व जांच के लिए गेहूं के दाने दांतों से चबाने से यदि कडक़ करते टूट जाए तो समझ जाए तो नमी है।
