मोहाली, (हप्र) में 100 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब पुलिस की इंस्पेक्टर अमनजोत कौर को अपने बयान दर्ज कराने के लिए आज बुलाया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। ईडी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित अपने कार्यालय में उन्हें बयान देने के लिए आमंत्रित किया था। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत की जा रही है। ईडी द्वारा भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पीएमएलए के तहत चल रही जांच या कार्यवाही के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने और रिकॉर्ड पेश करने के लिए उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। अब अमनजोत कौर को एक नया समन जारी किया जाएगा। 2. यह मामला तब प्रकाश में आया जब इंस्पेक्टर अमनजोत कौर ने 28 अगस्त को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया कि इस घोटाले में कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं और इसलिए इसकी जांच मोहाली जिले से बाहर स्थानांतरित की जानी चाहिए। उनके इस पत्र ने मामले को और अधिक जटिल बना दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जांच में उच्च स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता हो सकती है। इस संदर्भ में ईडी की कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी संबंधित पक्षों से उचित जानकारी प्राप्त की जाए ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।













