Thursday, December 11, 2025
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • Profitgrove
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • Profitgrove
No Result
View All Result
Press Ki Taquat
No Result
View All Result
ADVERTISEMENT
Home BREAKING

वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे

admin by admin
in BREAKING, chandigarh, HARYANA, INDIA
Reading Time: 1 min read
A A
0
वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे
ADVERTISEMENT

RelatedPosts

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सांसदों के साथ की बैठक, विकास कार्यों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सांसदों के साथ की बैठक, विकास कार्यों पर हुई चर्चा

0
गुरुकुल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीता ज्ञान प्रतियोगिता जीती

गुरुकुल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीता ज्ञान प्रतियोगिता जीती

0
साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी के जन्म दिवस को समर्पित विशेष कीर्तन समागम 15 दिसंबर को : हरमीत सिंह कालका

साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी के जन्म दिवस को समर्पित विशेष कीर्तन समागम 15 दिसंबर को : हरमीत सिंह कालका

0
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स बुक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स बुक का किया विमोचन

0
328 स्वरूपों का रहस्य उजागर होने का समय आ गया है, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए : हरमीत सिंह कालका

328 स्वरूपों का रहस्य उजागर होने का समय आ गया है, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए : हरमीत सिंह कालका

0
रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बहाल किये जाने की मांग

रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बहाल किये जाने की मांग

0
  • Facebook
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link

वर्ष 2025, भारत के इतिहास का वह ऐतिहासिक पड़ाव है, जब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे
मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 1875 में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा
रचित यह गीत केवल साहित्य की रचना नहीं था। यह भारतीय चेतना, अस्मिता,
स्वाधीनता व राष्ट्रभाव के बीज बोने वाला शब्द–शस्त्र था। यह गीत जन-मन की
वही ऊर्जा है, जिसने गुलामी के अंधकार को भेदकर स्वतंत्रता की सुबह का विश्वास
जगाया। भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के 150 वर्षों के कालखंड में ऐसा कोई दौर नहीं
था, जब वंदे मातरम् का स्वर क्रांतिकारियों, सत्याग्रहियों, समाज सुधारकों, युवाओं
व भारत माता के लिए मर मिटने वाले राष्ट्रभक्तों के गले से न फूटा हो।
1875 में बंगाल के तत्कालीन राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य में उत्पन्न यह
गीत धीरे-धीरे भारत की आत्मा की आवाज़ बन गया। 1882 में ‘आनंदमठ’
उपन्यास के माध्यम से यह गीत जन-चेतना के केन्द्रीय भाव में स्थापित हुआ।
1896 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर  द्वारा
पहली बार सार्वजनिक गायन किया गया। फिर 1905 का बंग-भंग आंदोलन आया,
जिसने इस गीत को राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवित प्रतीक बना दिया। इस
कालखंड में देश की हर गली व सड़क से लेकर क्रांतिकारियों की गुप्त सभाओं
तक, हर भारतीय के गले में एक ही स्वर गूँज रहा था – वंदे मातरम्। यही वह
गीत था, जिसने मातृभूमि को देवी के स्वरूप में स्थापित किया और आज़ादी की
लड़ाई को आध्यात्मिक, भावनात्मक व वैचारिक शक्ति प्रदान की। 1950 में भारत
के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जी ने राष्ट्र गीत का दर्जा प्रदान किया।
मेरा मानना है कि किसी भी आंदोलन को सफल बनाने के लिए केवल अस्त्र-शस्त्र
ही नहीं, बल्कि भाव, विचार, विश्वास और राष्ट्रीय चरित्र की भी आवश्यकता होती
है। वंदे मातरम् ने गुलामी पर गर्व करने की गुलाम मानसिकता को तोड़ा और
भारत की जनता को यह बताया कि हम भी विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में
से एक हैं। हमारे पास संस्कृति है, परंपरा है, मूल्य हैं, आत्मसम्मान है और

 

मातृभूमि की रक्षा का अटूट संकल्प है। इसी गीत की उर्जा से सावरकर जैसे वीर
जगे, चन्द्रशेखर आज़ाद जैसी शहादतें जन्मीं, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी पले,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रवादी नायक विश्व मंच पर उठे। इतिहास साक्षी
है कि वंदे मातरम् का एक-एक शब्द ब्रिटिश सत्ता की नींद उड़ाने में सक्षम था।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज जब भारत
आत्मनिर्भरता, तकनीकी नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय आस्था, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और
वैश्विक शांति जैसे नए आयामों की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। तब वंदे मातरम्
की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। अमृतकाल का भारत केवल
इतिहास की महिमा का पाठ नहीं पढ़ना चाहता, बल्कि आने वाले भविष्य के भारत
को गढ़ना चाहता है। यह गीत आज भी भारतीय लोकतंत्र के नैतिक कम्पास जैसा
है, जो हमें याद दिलाता है कि राजनीति का लक्ष्य सत्ता नहीं, राष्ट्र सर्वोच्च है।
मोदी जी का मानना है कि विकास के हर निर्णय में भारत पहले, भारत की जनता
पहले, भारत की अस्मिता पहले, यही भारतीय लोकतंत्र की मूल दिशा होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने बीते वर्षों में वंदे मातरम् के संदेश को आधुनिक
राष्ट्रनिर्माण के भाव से पुनर्स्थापित किया है। उन्होंने इसे केवल सांस्कृतिक स्मृति
या प्रतीकवाद तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नई पीढ़ी की राष्ट्र चेतना के केंद्र
में स्थापित किया है। आज जब भारत विश्व शक्ति के रूप में उभर रहा है,
प्रधानमंत्री मोदी जी ने हर मंच, हर अवसर, हर वैश्विक संवाद में भारत की हजारों
वर्ष पुरानी सभ्यता की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित किया है। उन्होंने मातृभूमि के
प्रति सम्मान, भारत की पहचान पर गर्व, भारतीयता को आत्मविश्वास के साथ
अपनाने और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को जन-जन तक पहुँचाया है। वंदे मातरम्
के इस 150 वर्ष के पड़ाव पर यह कहना उचित है कि नये भारत की विचारधारा,
नये भारत का आत्मविश्वास और नये भारत की नीति दिशा, सब में इस गीत की
आत्मा कार्यशील व जीवित रूप में दिखती है।

ADVERTISEMENT

अगले 25 वर्ष भारत के भविष्य निर्माण का निर्णायक काल है। आने वाले 2047
के भारत की यात्रा केवल आर्थिक महाशक्ति बनने की यात्रा नहीं, यह सामूहिक
चरित्र, नये सामाजिक अनुशासन, नये सांस्कृतिक अभ्युदय और लोकतंत्र की नई
ऊंचाईयां छूने की यात्रा है। यह वह समय है जब भारत को सभी पीढ़ियों को एक
सूत्र में पिरोने वाली साझा राष्ट्रीय भावना की आवश्यकता है। यही साझा राष्ट्रीय
भावना ‘वंदे मातरम्’ में निहित है। यह गीत भारत को केवल भावनात्मक रूप से
नहीं जोड़ता, बल्कि यह हमारी लोकतान्त्रिक जिम्मेदारी को जागृत करता है। यह
हमें याद दिलाता है कि राष्ट्रवाद विभाजन का नहीं, राष्ट्रवाद एकता का नाम है।
यही राष्ट्रवाद भारत के लोकतंत्र को विश्व का सबसे सशक्त, सर्वश्रेष्ठ और
सर्वसमावेशी लोकतंत्र बनाता है।
‘वंदे मातरम्’ माँ भारती को प्रणाम करने का मंत्र है। यह गीत हमारे संविधान,
हमारी संस्कृति, हमारी स्वतंत्रता, हमारी अस्मिता और हमारी साझा राष्ट्रीय चेतना
का अमर गीत है। आज जब 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं, हमें भारत की आने वाली
पीढ़ियों को यह बताना चाहिए कि चाहे देश कितना भी आगे बढ़ जाए, चाहे
तकनीक कितनी भी उन्नत हो जाए, चाहे वैश्वीकरण कितना भी व्यापक हो जाए,
हमारी आत्मा, हमारी पहचान और हमारी राष्ट्रीय धुरी मातृभूमि ही रहेगी। भारत
की माटी से बढ़कर कोई पूज्य नहीं है। वंदे मातरम्।

Post Views: 50
  • Facebook
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link
Tags: 150 years of Vande Mataram completedHaryana newsNayab Singh Sainivande matram
Previous Post

Viisas pelaaja voittaa enemmän – vertailussa suomalaisten suosimat parhaat kasinot nopeilla kotiutuksilla

Next Post

पटियाला-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन हुई शुरु

Related Posts

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सांसदों के साथ की बैठक, विकास कार्यों पर हुई चर्चा
BREAKING

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के सांसदों के साथ की बैठक, विकास कार्यों पर हुई चर्चा

0
गुरुकुल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीता ज्ञान प्रतियोगिता जीती
INDIA

गुरुकुल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गीता ज्ञान प्रतियोगिता जीती

0
साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी के जन्म दिवस को समर्पित विशेष कीर्तन समागम 15 दिसंबर को : हरमीत सिंह कालका
BREAKING

साहिबज़ादा बाबा फतेह सिंह जी के जन्म दिवस को समर्पित विशेष कीर्तन समागम 15 दिसंबर को : हरमीत सिंह कालका

0
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स बुक का किया विमोचन
BREAKING

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स बुक का किया विमोचन

0
328 स्वरूपों का रहस्य उजागर होने का समय आ गया है, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए : हरमीत सिंह कालका
BREAKING

328 स्वरूपों का रहस्य उजागर होने का समय आ गया है, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए : हरमीत सिंह कालका

0
रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बहाल किये जाने की मांग
INDIA

रजिस्डर्ड डाक सेवा पुनः बहाल किये जाने की मांग

0
Next Post
पटियाला-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन हुई शुरु

पटियाला-दिल्ली वंदे भारत ट्रेन हुई शुरु

Press Ki Taquat

© 2023 presskitaquat.com - Powered by AMBIT SOLUTIONS+917488039982

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • Profitgrove

Follow Us

No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • E-Paper
  • CONTACT US
  • Profitgrove

© 2023 presskitaquat.com - Powered by AMBIT SOLUTIONS+917488039982