छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- शहर के सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत कर छिंदवाड़ा के एस डी एम अतुल सिंह के आतंक से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की । प्रार्थना पत्र में बताया कि छिंदवाड़ा म.प्र. में एक SDM है अतुल सिंह , जो गत 6 वर्षों से एक ही जगह छिंदवाड़ा में जमे हैं। जिसका काम आम लोगों को परेशान कर पैसों की अनुचित माँग करना है । ऐसे बहुत से मामले इनके खिलाफ म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन हैं। ऐसा ही एक मामला दिनांक 29-08-2018 को कुछ फर्जी आदिवासी नेताओं ने अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली में एक शिकायत की, कि ट्रस्ट की जमीन आदिवासी की है। ऐसी ही शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी की जिसका क्रमांक 457167 है । जिस पर जिला कलेक्टर और राजस्व विभाग ने लिखित रूप से बताया कि राजस्व रिकार्ड में यह भूमि शक्ति ट्रस्ट के नाम से दर्ज है इसका आदिवासियों से कोई संबंध नही है और ट्रस्ट बहुत उत्कृष्ट कार्य कर रहा है । सन 2019 में कोरोना काल आया जब पूरा विश्व थम गया था इस दौरान ट्रस्ट के लोगों ने लाखों जरूरतमंद गरीबों और आदिवासियों की सेवा भोजन और आयुर्वेदिक दवाइयां पहुंचाकर के की। इस बात को स्थानीय मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया । ट्रस्ट के द्वारा विस्तार से की जा रही आम आदमियों की सेवा से द्वेषित और पीड़ित होकर SDM ने ट्रस्ट के लोगों से अनुचित रुपयों की माँग की, नही देने पर अनुचित कार्यवाही का डर दिखाया । ट्रस्ट के लोगों ने इसको लेकर माननीय म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण ली और वाद प्रस्तुत किया जिसका क्रमांक MP 3846 । 2021 है। जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने अनुसूचित जनजाति आयोग , जिला कलेक्टर और SDM को जमकर फटकार लगाते हुए स्टे प्रदान किया । दिनांक 16-06-2023 को SDM ने इस स्थगनादेश को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन दिया । यह आवेदन इनकी राग-द्वेष पूर्ण कार्यवाही को दर्शाता है । म.प्र. सरकार इसको आम जनमानस की सेवा करने की तनख्वाह देती है ना कि किसी सेवाभावी संस्था के खिलाफ न्यायालय में जाने की। सन 2020 में जिला कलेक्टर और SDM के आदेश पर तहसीलदार छिंदवाड़ा ने ट्रस्ट के सभी दस्तावेजों की अति सूक्ष्मता से जांच की जिस पर तहसीलदार द्वारा आदिवासीयो का ट्रस्ट से कोई सम्बंध है यह नही बताया गया। यही बात गत 25 वर्षों से जिला कलेक्टर और जिला राजस्व विभाग लिखित ओर मौखिक रूप से कह रहा है, कि यह भूमि ट्रस्ट की है आदिवासियों की नही । इतनी सी बात इस भृष्ट अधिकारी के समझ में नही आ रही है । यह व्यक्ति जिला कलेक्टर को भी गुमराह कर रहा है और न्याय सिद्धांतो की भी अवेहलना करता है।कृपया दण्डात्मक कार्यवाही करने की कृपा करें। प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रकरण क्रमांक —pmopg। E।2023। 0125632- दर्ज कर म.प्र. सरकार के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के डायरेक्टर को कार्यवाही हेतु अग्रेसित किया ।
*संलग्न :-* म.प्र. उच्च न्यायालय के प्रकरण का क्रमांक 2 जिला कलेक्टर और SDM ने लिखित रूप से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और अनुसूचित जनजाति आयोग को बताया कि यह भूमि राजस्व रिकार्ड में शक्ति ट्रस्ट के नाम दर्ज है, की छायाप्रति ।













