इटावा (डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान) – पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से इटावा में — स्थित संत श्री आशारामजी बापू आश्रम में शरद पूर्णिमा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पूज्य सद्गुरुदेव जी के कृपापत्र शिष्य विजय भाई के सानिध्य में सत्संग एवं साधक स्नेह मिलन का आयोजन हुआ। जिसमें पूर्व के सेवा कार्यों की चर्चा, आगामी कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी तथा साधकों के सेवा एवं साधना के बारे में आने वाले विलक्षण अनुभव द्वारा वातावरण आह्लादित हुआ।
संत श्री आशारामजी बापू सत्संग में अक्सर बताया करते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होता है तथा इस दिन चन्द्रमा की किरणों में अमृत सदृश प्रभाव होता है । इस रात्रि में किया गया जप, कीर्तन, सत्संग, ध्यान व चंद्र-दर्शन शारीरिक व मानसिक आरोग्यता एवं नेत्रज्योति बढ़ाता है । साथ ही इस रात्रि में चंद्रमा की किरणों में रखी खीर विशेष औषधीय एवं पुष्टिकारक गुणों से युक्त होती है, जिससे उसके सेवन से अनेक स्वास्थ्य-लाभ मिलते हैं ।
आश्रम प्रवक्ता धनंजय भाई जी ने बताया कि आज आश्रम में खीर बनाकर चंद्रमा की किरणों में रखी जाएगी तथा उसके बाद उसे भगवान को भोग लगाकर सभी साधक ग्रहण करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में साधक, भक्त एवं आम जन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यक्रम का लाभ लिया एवं हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की ।








