30 मार्च (प्रेस की ताकत ब्यूरो): नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. शक्तिस्वरूपा देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त साल में दो बार शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करते हैं. नवरात्रि में देवी पूजा की परंपरा सदियों से चली आ रही है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले नवरात्रि में 9 दिनों का व्रत किसने रखा था? नवरात्रि की शुरुआत कैसे हुई? अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे हुई थी नवरात्रि की शुरुआत और किसने रखा था पहली बार नवरात्रि व्रत.
शूकर क्षेत्र फाउंडेशन के अध्यक्ष और ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित के मुताबिक, देवी दुर्गा स्वयं शक्ति का एक रूप हैं और आध्यात्मिक शक्ति, सुख और समृद्धि के लिए भक्तों द्वारा नवरात्रि के दौरान उनकी पूजा की जाती है. नवरात्रि शुरू करने वालों ने भी मां से आध्यात्मिक शक्ति और जीत की प्रार्थना की. वाल्मिकी रामायण में वर्णन है कि लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान राम ने किष्किंधा के पास ऋष्यमूक पर्वत पर देवी दुर्गा की पूजा की थी. भगवान ब्रह्मा ने श्री राम को देवी दुर्गा के एक रूप चंददेवी की पूजा करने की सलाह दी. ब्रह्मा जी की सलाह मानकर भगवान राम ने प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक चन्देवी का पाठ किया.

