**नई दिल्ली/तेहरान:** अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और व्यापार के मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब 8 साल के लंबे अंतराल और विभिन्न प्रतिबंधों के दबाव के बाद, ईरान एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में लौट रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह वापसी न केवल मध्य-पूर्व की राजनीति को बदलेगी, बल्कि भारत के लिए “मास्टरस्ट्रोक” साबित होने वाली है।
**भारत को कैसे होगा तगड़ा फायदा?**
भारत और ईरान के बीच रणनीतिक संबंध हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं। ईरान की वापसी से भारत को मिलने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
1. **चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port):** ईरान के सक्रिय होने से चाबहार बंदरगाह के संचालन में तेजी आएगी, जिससे भारत की पहुंच मध्य एशिया और यूरोप तक आसान हो जाएगी।
2. **सस्ता कच्चा तेल:** प्रतिबंधों में ढील मिलने से भारत को ईरान से कम कीमत पर कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है, जिससे देश में ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
3. **कनेक्टिविटी और व्यापार:** ‘इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर’ (INSTC) के जरिए भारत रूस और अन्य देशों के साथ कम समय और कम लागत में व्यापार कर सकेगा।
**बदलेगा खेल:**
ईरान की इस वापसी से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव आएगा। जहाँ एक ओर चीन अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है, वहीं भारत के पास ईरान के साथ मिलकर अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने का यह सबसे सही समय है।







