नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) में कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर आंदोलन का अखाड़ा बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई छात्र संगठनों का संयुक्त विरोध-प्रदर्शन आज लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। दिन हो या रात, भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारी छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं और अब यह लड़ाई सीधे आर-पार की नजर आ रही है।
‘4 मिनट की देरी पर सजा, पर पेपर लीक पर चुप्पी क्यों?’
शनिवार दोपहर से शुरू हुए इस बेमियादी धरने का नेतृत्व कर रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। रविवार को दोबारा आयोजित हुई परीक्षा में शामिल हुए कुछ अभ्यर्थी भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने और मंच से अपनी आपबीती साझा की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“केंद्र सरकार और अधिकारी उन मासूम छात्रों को सजा दे रहे हैं जो महज कुछ मिनट की देरी से केंद्र पर पहुंचे और उन्हें दोबारा परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। आप छात्रों की 4 मिनट की देरी बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो फिर इतने बड़े पेपर लीक और छात्रों की मानसिक प्रताड़ना के बाद हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अपने पद पर बने रहना कैसे बर्दाश्त कर लें?”
कदम ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को एक ‘बेहद मामूली कदम’ बताते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
छात्रों की आपबीती: ‘आराम की जगह दोबारा तैयारी का मिला तनाव’
आंदोलन में शामिल बिहार के एक पीड़ित छात्र ने व्यवस्था पर अपना गुस्सा और दर्द जाहिर करते हुए कहा, “एक बार परीक्षा देने के बाद छात्र मानसिक रूप से तनावमुक्त महसूस करता है। लेकिन इन्होंने पेपर लीक कर दिया, परीक्षा रद्द हुई और हमें दोबारा मानसिक प्रताड़ना झेलते हुए तैयारी करनी पड़ी। इस वक्त मैं मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक महसूस नहीं कर रहा हूँ।”
पीएम मोदी से जंतर-मंतर आने की अपील
सीजेपी नेता ने देश के आम नागरिकों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे खुद जंतर-मंतर आकर पीड़ित नीट अभ्यर्थियों से मिलें, ताकि छात्र अपना सीधा अनुभव और दर्द देश के प्रधान सेवक से साझा कर सकें।
जब विपक्ष और छात्र संगठनों पर युवाओं को भड़काने के आरोप लगे, तो दीपके ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य और जायज चिंताओं के लिए आवाज उठाना ‘उकसावा’ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार है। नेताओं को राजनीति छोड़कर छात्रों के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
पहचान पत्र की जांच को लेकर तकरार
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब सीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर आने वाले छात्रों से उनका सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) मांग रही है ताकि उन्हें आंदोलन में शामिल होने से डराया और रोका जा सके। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सुरक्षा व्यवस्था का सामान्य हिस्सा बताया है।
धरने की मुख्य मांगें और घटनाक्रम
क्र.सं. मुख्य बिंदु विवरण 1. आंदोलन की अवधि शनिवार दोपहर से शुरू होकर लगातार तीसरे दिन (सोमवार) भी जारी। 2. प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और पूरी जवाबदेही। 3. छात्रों की मांग पारदर्शी जांच और भविष्य में फुलप्रूफ परीक्षा प्रणाली की गारंटी।


