छिंदवाड़ा(डा. पूछपेंद्र सिंह चौहान) – विश्व में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित ऋषि प्रसाद साहित्य की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। यह साहित्य समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए है । इसीलिए इसके विश्व में 10 मिलियन से अधिक पाठक हैं । यानी कि लगभग 1 करोड़ लोग इसे पढ़ते हैं । इस साहित्य का विश्व में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के लिए पूज्य बापूजी द्वारा दीक्षा प्राप्त साधकों का प्रयास सराहनीय है । विपरीत परिस्थितियों में भी कोई भी सेवाधारी साधक विचलित नहीं हुआ । वे जिम्मेदारी से लोकहित में गुरु कार्य करते रहे । समय समय पर देश भर के ऐसे उत्कृष्ट ऋषि प्रसाद सेवाधारियों को सम्मानित किया जाते रहा है । इसी कड़ी में ऋषि प्रसाद जयंती पर संभाग प्रभारी भाई तुकारामजी ब्रम्ज्ञचारी समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई और खजरीं आश्रम के संचालक जयराम भाई के मार्गदर्शन में इन सेवाधारियों को पूज्य बापूजी द्वारा स्पर्श की गई चरण पादुका भेंट की । इस चरण पादुका को प्राप्त करना प्रत्येक साधक का सौभाग्य होता है । इस साहित्य के जिले में लाखों की संख्या में पाठक हैं । सम्मान प्राप्त करने वाले सेवाधारियों को साध्वी प्रतिमा बहन और साध्वी रेखा बहन ने साधुवाद प्रदान किया । ऋषि प्रसाद वितरण में सम्मान प्राप्त करने वालों में दिनेश सराठे , तिलक सिंह पन्द्राम ,कौशल्या कुशवाहा ,दीपा डोडानी ,चन्द्र शेखर सोनी , रामफल भलावी ,ज्योत्सना डोंगरे ,प्रवीण वासनिक ,सन्तोष साहू ,अशोक कराडे मुख्य हैं I












