चंडीगढ़, 25 नवंबर—हरियाणा सरकार ने 30 नवंबर,को दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में होने वाले उप-चुनाव के मद्देनजर राज्य में स्थित सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, बोर्ड ...
चंडीगढ़, 08 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में आधारभूत ढांचागत विकास कराने के साथ ही सरकारी नियमों की अनुपालना प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो, इस पर विशेष फोकस कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी हरियाणा सरकार विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। हरियाणा सरकार खनन विभाग के माध्यम से राज्य में खनिज संसाधनों के अंवेषण, विकास और प्रबंधन को कवर कर रही है। खनन विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग का कहना है कि अवैध खनन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध है और संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए गए हैं। अवैध खनन को रोकने व बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर हरियाणा सरकार की पारखी नजर है ओर नियमों की अवहेलना करने वालों पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। जिला खनन अधिकारी कमलेश बिधलान ने बताया कि विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग के आदेशानुसार व डीसी विक्रम सिंह की देखरेख में जनवरी माह से अवैध खनन को रोकने व बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहनों के संचालन पर सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं विभागीय आदेशों की अनुपालना करते हुए यमुना नदी क्षेत्र सहित जिला से निकल रहे नेशनल व स्टेट हाईवे पर खनिज वाहनों की चेकिंग कर रही हैं। साथ ही दिन रात अवैध खनन रोकने के लिए उनकी पूरी टीम सक्रियता से जिला में मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जहां कहीं भी नियमों की अवहेलना पाई जाती है तो उनकी टीम निर्धारित नियमों की अनुपालना करते हुए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिला में यमुना नदी सहित किसी भी क्षेत्र में अवैध खनन होना नहीं पाया गया है तथा उनकी चैकिंग टीम ई रवाना बिल की भी जांच खनिज वाहनों की कर रही है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि यदि कहीं भी अवैध खनन हो रहा है अथवा बिना ई रवाना बिल के खनिज वाहन चलने की सूचना देनी है तो विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-5530 पर संपर्क कर सकते हैं।
चंडीगढ़ , 19 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बार सरसों की फसल के मंडी में जल्द आगमन को देखते हुए 28 मार्च की बजाए 15 मार्च से ही सरकारी खरीद शुरू कर दी जाए। मुख्यमंत्री आज यहां रबी विपणन मौसम 2025-26 के दौरान सरसों की खरीद करने बारे आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सरसों की खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसान हितों को हमेशा सर्वोपरि रखती है और हमेशा किसानों की भलाई के कार्यों को तवज्जो देती है। हरियाणा ऐसा पहला प्रदेश है जहां सभी फसलों को एमएसपी ( न्यूनतम समर्थन मूल्य ) पर खरीदा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सरसों की खरीद के लिए 108 मंडियां निर्धारित की गई हैं। उन्होंने खरीद एजेंसियों, मंडी बोर्ड व संबंधित विभागों को सरसों की खरीद सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में आम तौर पर 17 से 20 लाख एकड़ क्षेत्र में सरसों उगाई जाती है जबकि रबी फसल सीजन 2024-25 के दौरान 21.08 लाख एकड़ क्षेत्र में सरसों उगाई गई है। ऐसे में अनुमानित उत्पादन 15.59 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। इस वर्ष भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि उक्त समर्थन मूल्य का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत व सत्यापित करवानी आवश्यक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में सरसों की खरीद हैफेड एवं हरियाणा राज्य भण्डारण निगम द्वारा की जाएगी। बैठक में कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हैफेड, हरियाणा राज्य विपणन बोर्ड, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग व हरियाणा राज्य भण्डारण निगम के अधिकारी मौजूद थे।