सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में हाल ही में हुए मेयर चुनाव की कड़ी आलोचना की है और इसे "लोकतंत्र की हत्या" बताया है। अदालत ने रिटर्निंग अधिकारी के व्यवहार पर आश्चर्य और निराशा व्यक्त की, जो मतपत्रों को विकृत करने वाला पाया गया था। - Press Ki Taquat
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में हाल ही में हुए मेयर चुनाव की कड़ी आलोचना की है और इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया है। अदालत ने रिटर्निंग अधिकारी के व्यवहार पर आश्चर्य और निराशा व्यक्त की, जो मतपत्रों को विकृत करने वाला पाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में मतपत्रों को विकृत करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की कड़ी आलोचना की और इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताया। अदालत ने आदेश दिया कि चुनाव के सभी रिकॉर्ड पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पास सुरक्षित रूप से रखे जाएं और चंडीगढ़ के उपायुक्त को संबंधित दस्तावेज उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अदालत ने चंडीगढ़ नगर निगम की आगामी बैठक पर रोक लगा दी और मतपत्रों और वीडियोग्राफी को सुरक्षित रखा। सीजेआई ने वीडियो में पीठासीन अधिकारी के व्यवहार पर हैरानी जताई और सवाल किया कि वह एक भगोड़े की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं। मेयर चुनाव को लेकर आप और भाजपा के बीच विवाद उच्चतम न्यायालय तक पहुंच गया था, जहां कुमार ने चुनाव परिणामों पर रोक नहीं लगाने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर कुमार की याचिका पर जवाब देने को कहा।