चंडीगढ़ : शराब के कारोबार में एकाधिकार को तोड़ने और शराब की कीमतों को काबू में रखने के उद्देश्य से पंजाब मंत्रिमंडल ने नई आबकारी नीति पर मोहर लगा दी है । जिसके साथ ग्रुप का आकार 40 करोड़ रुपए से घटाकर 5 करोड़ रुपए कर दिया गया। इससे अगले वित्तीय सालों में ग्रुपों की संख्या 84 से बढ़कर लगभग 700 हो जाएगी। इसके साथ ही पंजाब में अब देसी और अंग्रेजी शराब की प्रति बोतल के दाम 30-70 रुपए तक घट जाएंगे। शराब के दाम घटने से पड़ोसी राज्यों से होने वाली तस्करी पर भी नकेल लगेगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2018-19 की आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति के तहत अगले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार को सालाना 6,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आबकारी विभाग को वित्तीय साल के अंत तक 5,150 करोड़ रुपए इकट्ठे होने की आशा है जबकि साल 2016-17 दौरान 4,400 करोड़ रुपए का राजस्व इकट्ठा हुआ था। आबकारी नीति 2018-19 के दौरान शराब के ठेकों की संख्या भी 5,850 से कम कर 5,700 (लगभग) रह जाएगी। नई नीति के तहत देसी शराब का कोटा 8.44 करोड़ पी.एल. (पी.एम.एल.) से कम कर 5.78 करोड़ पी.एल. हो गया है जो 32 प्रतिशत कम है। इसी तरह आई.एम.एफ.एल. का कोटा 3.71 करोड़ पी.एल. से घटाकर 2.48 करोड़ पी.एल. कर दिया गया है जो 32 प्रतिशत कम है जबकि बीयर का कोटा 3.22 करोड़ से घटा कर 2.57 करोड़ बल्क लीटर कर दिया गया है।

